गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए सभी मेडिकल कालेज में बनेंगे स्पेशल ICU

- कोरोना की तीसरी लहर से निपटने सरकार की तैयारी - स्वास्थ्य मंत्री ने ली विभागीय अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की बैठक .

 

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 14 May 2021, 09:36 PM IST

रायपुर . प्रदेश सरकार ने कोरोना की गुजरती हुई दूसरी लहर के दौरान अभी से तीसरी लहर की रोकथाम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहली लहर में जहां सबसे ज्यादा बुजुर्ग संक्रमित हुए थे, तो दूसरी लहर में युवाओं की संख्या अधिक रही है। मगर, तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का खतरा अधिक होना बताया जा रहा है। इसी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सभी मेडिकल कॉलेज के डीन और अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे गर्भवती माताओं और बच्चों के संक्रमित पाए जाने पर इलाज के पुख्ता बंदोबस्त रखें। बच्चों के आईसीयू तैयार करें, अगर हैं तो बेड की संख्या बढ़ाई जाए।

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बैठक में बताया गया कि दूसरी लहर के संबंध में आम धारणा है कि इससे युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पर पहली और दूसरी लहर के आंकड़ों को देखें तो इससे प्रभावितों का पैटर्न लगभग एक जैसा है। भले ही आयुवर्ग के कोरोना संक्रमितों होने की संख्या पहली लहर से अधिक हो। विशेषज्ञों-डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना मरीजों के इलाज में कई दवाइयों का अनावश्यक बहुत ज्यादा उपयोग भी देखने में आया है। इस पर प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि कोरोना मरीजों के इलाज और दवाइयों के उपयोग का मेडिकल ऑडिट किया जाना चाहिए। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ मिलकर मेडिकल ऑडिट टीम बनाई जानी चाहिए। बहुत सी दवाइयां प्रयोगात्मक स्तर पर हैं। सभी डीन यह सुनिश्चित करें कि इनका अनावश्यक उपयोग न हो, प्रोटोकॉल के तहत दी गई दवाएं ही प्रिस्क्राइब की जाएं।

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पोस्ट कोविड मैनेजमेंट बेहद जरूरी
बैठक में डॉक्टरों की तरफ से कहा गया कि पोस्ट कोविड मैनेजमेंट की जरुरत है, क्योंकि स्वस्थ होने के बाद लोग कई तकलीफों का सामने कर रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैसे पोस्ट कोविड ट्रीटमेंट बेहतर कर सकता है, इस पर काम करें।

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दवाओं का इस्तेमाल सावधानी से किया जाए
एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर ने कहा कि दवाइयों के दुष्प्रभाव और इसके प्रयोगात्मक चरण को देखते हुए इनका बहुत सावधानी से उपयोग किया जाना चाहिए। वेंटिलेटर और आईसीयू की भूमिका को देखते हुए आज पर्याप्त संख्या में ट्रेंड स्टाफ की जरुरत है।

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