नेशनल हाइवे के दोनों ओर 20 किमी पर 100 अवैध ढाबे, मालिकों के पास गुमास्ता लाइसेंस भी नही

नेशनल हाइवे के दोनों ओर 20 किमी पर 100 अवैध ढाबे, मालिकों के पास गुमास्ता लाइसेंस भी नही

Deepak Sahu | Publish: Sep, 09 2018 12:05:48 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

एनएच-43 के दोनों ओर लगभग 20 किमी के दायरे में 100 से अधिक ढाबा, मैरिज पैलेज, रेस्टोंरेट ने कब्जा जमा रखा है

रायपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-43 के दोनों ओर लगभग 20 किमी के दायरे में 100 से अधिक ढाबा, मैरिज पैलेज, रेस्टोंरेट ने कब्जा जमा रखा है। पत्रिका ने अपनी पड़ताल में पाया कि कई ढाबा, होटल वालों के पास गुमास्ता लाइसेंस तक नहीं है।

वहीं, ढाबा, होटल, मैरिज पैलेस के संचालन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे ग्राम एवं नगर निवेश विभाग की अनुमति, निगम के ग्राम एवं नगर विभाग की स्वीकृति, नियमितीकरण आदि के कागज किसी भी संस्थान के पास नहीं है। सडक़ के दोनों ओर से बिना अनुमति चल रहे इन संस्थानों के कब्जों की वजह से जहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है, वहीं यहां अवैध कारोबार का भी संचालन हो रहा है। सडक़ के दोनों ओर अवैध कब्जों की वजह से हादसों में भी इजाफा हुआ है। अवैध कब्जों से रिंगरोड के दोनों ओर रात तक असामाजिक तत्वों का भी अड्डा बनता जा रहा है, जहां रात तक महफिल सज रही है।

कब्जों ने बिगाड़ी सडक़ों की सूरत
स्मार्ट सिटी में इन अवैध कब्जों पर कार्यवाही करने के लिए विभागों ने गंभीरता नहीं बरती, जबकि इससे शहर की खूबसूरती भी बिगड़ रही है। सडक़ किनारे जहां हरियाली होनी चाहिए, वहीं इनके अवैध कब्जों की वजह से जहां नालियां तक जाम हो चुकी हैं।

तेज रफ्तार ट्रेलर धुसा था ढाबे में
मंदिर हसौद स्थित छोटू ढाबा में खाना खा रहे क्रिकेट खिलाड़ी भरत बजाज व उनके दोस्तों की गाड़ी को इसी साल २७ मार्च को तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार ठोकर मारी। इससे गाड़ी की परखच्चे उड़ गए और शंकर की मौत हो गई। घटना के बाद एसपी अमरेश मिश्रा ने कहा था सडक़ किनारे कुर्सी-टेबल लगाकर खाना खिलाने वाले ढाबों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

समिति का गठन होना बाकी
जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा की बैठक में होटल-ढाबों के नाम चिन्हित होने के बाद समिति का गठन किया जाना था। सर्वप्रथम १९ अप्रैल २०१८ को जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में इनका नाम चिन्हित किया गया, जिसके बाद समिति का गठन आज तक नहीं हो सका है।

नहर को पाटकर तान दिया ढाबा
टाटीबंध, तेलीबांधा, सेरीखेड़ी, धरमपुरा, मंदिर हसौद, मोवा, माना बस्ती, पचेड़ा, नया रायपुर क्षेत्र में नाली, नहर और बड़े नालों को पाटकर या इससे ऊपर ढाबे बनाए गए हैं।

अटलनगर प्राधिकरण ने मुंह फेरा
अटलनगर विकास प्राधिकरण के दायरे में ५० से अधिक होटल-ढाबे संचालित है, जिन्हें नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इस मामले में प्राधिकरण ने अभी चुप्पी साध ली है। सूत्रों के मुताबिक एएनडीए के एक बड़े अधिकारी का भी संस्थान अवैध रूप से संचालित है। उनकी पोल ना खुल जाए, इसलिए अन्य अवैध संस्थानों पर भी कार्यवाही नहीं की गई।

ट्रैफिक और पुलिस की वसूली
अवैध होटल-ढाबों में शराब परोसने के गैरकानूनी कार्य को रोकने की जिम्मेदारी जहां पुलिस प्रशासन की है, वहीं इन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। पड़ताल में यह जानकारी सामने आई कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा इन अवैध होटल, ढाबा और संस्थानों को रियायत मिली हुई है। अब तक यहां एक भी बड़ी कार्यवाही नहीं की गई है, जबकि रात तक चलने वाले इन संस्थानों में खाने से ज्यादा नशे का कारोबार संचालित होता है।

रायपुर के कलक्टर बसवराजू एस. ने कहा कि मैं फाइल दिखवाता हूं। ग्राम एवं नगर निवेश विभाग से जानकारी मांगी जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया जाएगा।

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