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बदलते मौसम में बच्चों में इम्युनिटी हो जाती है कमजोर, बीमारी की चपेट न आए इसलिए अपनाएं ये उपाय

मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। राजधानी के शासकीय व निजी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर से पीड़ित लोगों व बच्चों की भीड़ काफी बढ़ गई है।

रायपुर

Published: August 04, 2021 02:56:59 pm

रायपुर. मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। राजधानी के शासकीय व निजी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर से पीड़ित लोगों व बच्चों की भीड़ काफी बढ़ गई है। 6 माह से 15 वर्ष तक के बच्चे वायरल फीवर और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
Immunity becomes weak in kids in changing seasons know how to improve
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इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बीमारियां होती है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के खतरे और तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए खास ध्यान देना जरूरी है। शहर के शासकीय व निजी अस्पतालों में 50 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। बच्चों को कोरोना टेस्ट भी किया गया। राहत की बात है कि किसी बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई।
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आयुर्वेदिक कॉलेज में संचालित डिस्ट्रिक्ट चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने बताया कि उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया से ग्रस्त बच्चे ज्यादा आ रहे हैं। टाइफाइड के भी एक-दो मामले सामने आए हैं। मौसम में बदलाव व हाईजिन का स्तर बिगडऩे से बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। एम्स, आंबेडकर अस्पताल तथा जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल फीवर मरीजों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है।
प्रतिरोधक क्षमता जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जकड़ लेता है। छोटे बच्चों में यदि ऐसी बीमारी होती है तो उसे अनदेखी करने की बजाए तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। लापरवाही घातक हो सकती है। ज्यादा दिनों तक सर्दी रहने पर बच्चों में निमोनिया की शिकायत हो जाती है।
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रायपुर जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निलय मोझरकर ने कहा, सर्दी-खांसी, बुखार व डायरिया से पीडि़त ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। डायरिया पीडि़त बच्चों को एक-दो दिन भर्ती रखने की जरूरत पड़ती है। परिजनों से पूरी हिस्ट्री ली जाती है। थोड़ा सा भी संदेह होने पर कोरोना जांच कराई जाती है।
रायपुर आंबेडकर अस्पताल के एमडी मेडिसीन डॉ. आरएल खरे ने कहा, बदलते मौसम से बच्चों के स्वास्थ्य पर ज्यादा असर पड़ रहा है। 3 से 5 दिनों में वायरल फीवर ठीक हो जाता है। इससे ज्यादा दिन सर्दी-खांसी व बुखार होने पर कोरोना टेस्ट कराना जरूरी है।
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ऐसे करें बचाव
- ठंडा पानी पीने से बचे, जहां तक संभव हो पानी उबालकर पिलाएं।
- बच्चों को गर्म व पौष्टिक भोजन दें। कटे फल व देर तक असुरक्षित तरीके से रखी गई वस्तुएं खाने को न दें।
- बच्चों को निमोनिया, फ्लू, खसरा की वैक्सीन समय पर लगवाएं।
- ज्यादा दिन तक सर्दी-बुखार होने पर कोरोना वायरस की जांच जरूर कराएं।

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