लव मैरिज करने की मिली सजा, डेढ़ महीने के मासूम को गोद में लेकर ससुराल वालों से मांगती रही मदद लेकिन...

लव मैरिज करने की मिली सजा, डेढ़ महीने के मासूम को गोद में लेकर ससुराल वालों से मांगती रही मदद लेकिन...

Deepak Sahu | Publish: Sep, 16 2018 02:36:29 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

हमारे देश में प्रेम विवाह करने की सजा कितनी दर्दनाक हो सकती है ये बात किसी से छुपी नहीं है।

रायगढ़/रायपुर. हमारे देश में प्रेम विवाह करने की सजा कितनी दर्दनाक हो सकती है ये बात किसी से छुपी नहीं है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देखने को मिला है। जहां पति के साथ ना होने पर लड़की को ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। लड़की की गोद में डेढ़ महीने के मासूम को देखकर भी सास - ससुर को थोड़ा भी रहम नहीं आया। जबकि लव मैरिज करने के कारण लड़की के घरवालों ने भी उसे अपनाने से मना कर दिया। आइए जानते है आखिर क्यों सास ससुर ने ऐसा किया ? क्यों उन्हें डेढ़ महीने के पोते पर भी रहम नहीं आया ?

आर्म्स एक्ट में पति को जाना पड़ा जेल...
प्रेम विवाह में एक बहू व उसके गोद मे डेढ़ माह के मासूम को ससुराल से बेदखल करने का मामला सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीडि़त महिला कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। जिसने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह में पहचान के युवक के साथ शादी की थी। कुछ माह पहले पुलिस ने उसके पति को आम्र्स एक्ट के जेल दाखिल कर दिया था। जिसकी वजह से गर्भवती महिला पति से दूर हो गई। पति के जेल में रहने के बीच महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। अब उसकी उम्र डेढ़ माह हो गई है। पर इन डेढ़ माह के संघर्ष के बीच महिला व उसके बच्चे को ससुराल पक्ष, खासकर सास व ससुर ने अपनाने से इंकार कर दिया।

woman with kids

डेढ़ माह के बेटे और खुद के लिए मांगा आश्रय
इस घटना को लेकर महिला ने शहर के कई चर्चित लोगों से भी इस मामले में दखल देकर उचित पहल करने की बात कही। पर उसके ससुराल के लोगों ने किसी की एक ना सुनी। अंत में पीडि़ता थक हार के अपने गोद में डेढ़ माह के बच्चे के साथ पुलिस के आला अधिकारी के कार्यालय पहुंची। जहां अपने डेढ़ माह के मासूम के साथ खुद को आश्रय दिलाने की मांग की।

ससुराल में रह चुकी है
पीडि़ता ने अपने बयान में इस बात की जानकारी दी है कि जब उसने प्रेम विवाह में शादी की थी। तब कुछ माह तक पति के साथ ससुराल में थी। पर ससुराल पक्ष के लोगों को व्यवहार देख कर पति मुझे लेकर अलग रहने लगा। पर उसके जेल जाने की वजह से किराए के मकान में रहना संभव नहीं था। मायके पक्ष से कमजोर होने की वजह से पीडि़ता के पास ससुराल के सिवा और कोई विकल्प नहीं था।

महिला सेल को दी जिम्मेदारी
एएसपी हरीश राठौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जिम्मेदारी महिला सेल का सौंपी। वहीं पीडि़ता को हर संभव मदद दिलाने की बात की। महिला सेल की टीम पीडि़त महिला के ससुराल पक्ष के साथ चर्चा की। पर वो प्रेम संबंध व खुद को समाज में बने रहने की बात कह महिला को अपनाने से इंकार कर दिया। ऐसी स्थिति में महिला सेल की टीम ने पीडि़त महिला व उसके गोद में मौजूद डेढ़ माह के बच्चे को अल्प अवधि के लिए फिलहाल सखी वन स्टॉप सेंटर में आश्रय दिलवाया है।

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