कोयला कारोबारी पर आयकर विभाग का छापा...

कोयला कारोबारी के घर से २० लाख रुपए की ब्लैकमनी जब्त

By: Deepak Sahu

Updated: 10 Feb 2018, 06:22 PM IST

रायपुर . आयकर विभाग ने रायगढ़ में पूर्व भाजपा विधायक के पुत्र के घर से बरामद की गई 20 लाख की ब्लैकमनी को जब्त कर लिया है। तीसरे दिन शुक्रवार को कारोबारी के प्रमुख दफ्तर को जांच के दायरे में लिया गया है। तलाशी के दौरान वहां कारोबारी के निर्माणधीन एक आलीशान बंगला, और छिपाकर रखे गए कोयले के स्टॉक संबंधी पेपर मिले है। इसे कारोबारी ने गोपनीय रूप से छिपाकर रखा था। पूछताछ के दौरान कारोबारी द्वारा इसका जिक्र तक नहीं किया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद इसकी कुल कीमत का मुल्यांकन किया जा रहा है। दफ्तर में मिले करोड़ो रुपए के लेनदेन, जमीन, शेयर में किए गए निवेश के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। कारोबारी उसके चार्टड एकांउटेंट और लिपिक से दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के दौरान बरामद किए गए दस्तावेजों का उनसे हिसाब लिया जा रहा है। लेकिन, कारोबारी द्वारा लगातार गलत जानकारी दी जा रही है। बताया जाता है कि इससे आयकर अधिकारी भी उलझ गए है।

डाटा मिला
आयकर विभाग को करोड़ों रूपए का लेनदेन का हिसाब ईमेल और मोबाइल में मिला है। कारोबारी ने वसूली के बाद इसके संदेश को मिटा दिया था। लेकिन, विभागीय अधिकारियों ने साइबर एक्सपर्ट की सहायता से इसका पूरा डाटा निकाल लिया है। बताया जाता है कि इसमें से अधिकांश मैसेज विदेशी कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान से संबंधित है।
ब्लैकमनी खपाई
कारोबारी द्वारा नोटबंदी के दौरान करोड़ो रुपए की ब्लैकमनी खपाई गई थी। खर्च की गई इस रकम का हिसाब कोडवर्डमें कारोबारी द्वारा रखा गया था। यह रकम उसके द्वारा अर्जित की गई वार्षिक आय से तीन गुना अधिक है। इसके दस्तावेज मिलने के बाद आयकर विभाग के द्वारा हिसाब मांगा गया है। गौरतलब है कि ७ फरवरी को आयकर विभाग की टीम ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ स्थित ७ ठिकाने पर छापामारा था। तलाशी में उसके मुंबई, रायपुर और रायगढ़ स्थित ठिकानों से २४ लाख नकद, ७५ लाख की हीरा जडि़त स्वर्ण आभूषण , ५० ट्रक, ३ लाकर और करोड़ो रूपए के लेनदेन के दस्तावेज मिले थे।

रसीदें गायब
कारोबारी द्वारा करोड़ो रुपए का निवेश और चल-अचल संपति के लेनदेन का हिसाब मिला है। लेकिन,कारोबारी के द्वारा इसकी रसीदों को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि कारोबारी द्वारा इसे पेश करने समय मांगा है। बताया जाता है कि इसकी आड़ लेकर आयकर विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश भी की जा रही है। बताया जाता है कि अन्वेषण टीम के अधिकारी बोगस दस्तावेज और स्पष्ट प्रमाण मिलने के बाद लगातार जांच करने में जुटे हुए है।

 

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