इस 15 अगस्त जानिए छत्तीसगढ़ के अमर शहीद स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर प्यारेलाल सिंह के बारे में कुछ खास बातें

इस 15 अगस्त जानिए छत्तीसगढ़ के अमर शहीद स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर प्यारेलाल सिंह के बारे में कुछ खास बातें

Deepak Sahu | Updated: 15 Aug 2019, 10:00:00 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

जानिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने छत्तीसगढ़ में कैसे जगाई स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला

1.बचपन से ही ठाकुर प्यारेलाल मेधावी, सच्चे स्वदेशप्रेमी तथा राष्ट्रीय विचारधारा से ओत-प्रोत ठाकुर प्यारेलाल सिंह का जन्म 21 दिसंबर 1891 में राजनांदगांव ज़िले के 'दैहान' नामक ग्राम हुआ था।

2. सन 1920 में राजनांदगांव में मिल मज़दूरों ने हड़ताल की थी, जो 37 से भी अधिक दिनों तक चली थी और मिल अधिकारियों को मज़दूरों की सभी मांगें मंजूर करनी पड़ी थीं। वह हड़ताल ठाकुर प्यारेलाल के नेतृत्व में हुई थी।

3.सन 1920 में पहली बार महात्मा गाँधी के संपर्क में आए थे। असहयोग आन्दोलन एवं सत्याग्रह आन्दोलन में उन्होंने सक्रिय भाग लिया तथा गिरफ़्तार होकर जेल गए।

4. सन 1909 में जब प्यारेलाल सिर्फ़ उन्नीस वर्ष में राजनांदगांव में सरस्वती वाचनालय की स्थापना की।

5. शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रारंभ से ही उनकी गहरी रुचि थी।

6. सन 1909 ई. में उन्होंने राजनांदगांव में 'सरस्वती पुस्तकालय' की स्थापना की थी, जो आन्दोलनकारियों का अड्डा बना।

7. सन 1936 से 1947 तक वे रायपुर नगरपालिका के तीन बार अध्यक्ष निर्वाचित होते रहे। यह स्वयंमेव एक रिकार्ड है।

8. सन 1945 में उन्होंने 'छत्तीसगढ़ बुनकर सहकारी संघ' की स्थापना की थी, जिसके प्रारंभिक काल में 3000 सदस्य थे।

9. छत्तीसगढ़ राज्य आन्दोलन को इन्हीं विलीनीकृत रियासतों सहित सात ज़िलों के आधार पर मजबूती के साथ खड़ा किया।

10. 22 अक्टूबर, 1954 को भूटान की यात्रा के समय स्वास्थ्य कारणों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह का निधन हो गया।

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