भारतीय बौद्ध महासभा ने मनाया 64 वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस

बौद धर्म में समानता और शांति का मार्ग : डा. भंते शीलरत्न

By: VIKAS MISHRA

Updated: 19 Oct 2020, 02:07 AM IST

रायपुर. भारतीय बौद्ध महासभा रायपुर द्वारा 64 वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया। डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बुद्ध वंदना की गई जिसमें संस्था के प्रदेश अध्यक्ष बीएस जागृत, जिला अध्यक्ष प्रकाश रामटेके, सीडी खोब्रागड़े, सीएल माहेश्वरी, नीलकंठ सिंगाड़े सहित अन्य सदस्य शामिल हुए। इसके बाद डॉ बाबासाहेब आम्बेडकर सांस्कृतिक भवन देवेन्द्र नगर में आयोजित
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा तथागत गौतम बुद्ध और भारत रत्न बाबा साहेब के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन कर किया। सामूहिक वंदना के साथ भंते वेनेरेबल शीलरत्न बोधी ने अपने धम्मदेशना में कहा कि बाबा साहेब ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में धम्म दीक्षा कार्यक्रम में बौद्ध अनुयायियों को 22 प्रतिज्ञा की शपथ ग्रहण कराया था, जिसे भंते जी ने पढाय़े और कहा बुद्ध धर्म में ही समानता और शांति का मार्ग है। आज 40 से 45 देशों मे बौद्ध धर्म गतिमान है। इस मौके पर नंदा आई गजघाटे परिवार की ओर से खीर का वितरित किया गया।

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