सिक्योरिटी फीचर्स के साथ करीब 4 रुपए में छप जाते है 2000 और 500 के भारतीय नोट

- एक आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ है कि पुराने नोट के बजाए नए नोट को छापने का खर्चा कम है, 500 रुपए के पुराने नोट को छापने का खर्चा 3.09 रुपए था जबकि नए नोट को छापने का खर्चा उससे 52 पैसे कम है।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 06 Oct 2021, 05:31 PM IST

हम सभी के लाइफ में संपत्ति यानि रूपये - पैसों का बहुत अधिक महत्व है। डेली रुटीन के दौरान सभी हाथों में दिखने वाला नोट बहुत ही सस्ता होता है। हैरान हो गए न जी हां आम पेपर जैसे दिखने वालों नोटों की कहानी गंभीर है। आइये आज जानते बाजार में दिखने वाले 2000, 500 , 200 के नोट के बारे में, ये कैसे बनते है, कहा छपाई होती है और इसे बनाने में सरकार कितना खर्च करती है।

इंडियन करेंसी यानी 2000, 500 के नोट दिखने में तो एक सिर्फ एक प्रिटिंग पेपर के जैसे दिखते हैं। मगर मार्केट में इनकी वैल्यू काफी ज्यादा होती है। वैसे इस नोट को खास तरीके से बनाया जाता है, जो सिर्फ एक कागज की तरह ही नहीं होता है। नोट में कई सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जिससे इनकी खास पहचान होती है। इससे आप नकली और असली नोट में पहचान कर पाते हैं और इन सिक्योरिटी फीचर्स में गांधी जी की फोटो से लेकर रंग, एक आरबीआई लिखी पट्टी आदि शामिल होते हैं।

लेकिन, कभी आपने सोचा है कि जिस नोट की वैल्यू 2000, 500 या 200 होती है, उसके छापने में कितना खर्चा होता है। वैसे इसमें कई सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, लेकिन फिर भी इसे छापने की लागत काफी ज्यादा नहीं होती है। इस नोट की वैल्यू के हिसाब से यह लागत काफी कम होती है। आखिर एक नोट को छापने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का कितना खर्चा होता है।

एक नोट छापने में कितने पैसे खर्च होते है
2000 रुपये के नोट छापने में 4 रूपये 18 पैसे
500 रुपये के नोट छापने में 2 रूपये 57 पैसे
200 - 2 रूपये 15 पैसे
100 रुपये के नोट छापने में 1 रुपये 51 पैसे
50 रुपये के नोट छापने में 1 रूपये 1 पैसे
20 - 1 रूपये 0 पैसे
10 -1 रूपये 1 पैसे

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कहां छपते हैं नोट
वैसे तो आपने सुना होगा कई लोग तरह तरह से नकली नोट छापने का प्रयास करते है लेकिन असफल होते है। हम आपको बताते है भारतीय करेंसी के नोट भारत सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छापे जाते हैं। यह सिर्फ सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में ही छापे जाते हैं। देशभर में चार प्रिंटिंग प्रेस हैं। नासिक, देवास, मैसूर व सालबोनी (प. बंगाल) में नोट छपाई का काम किया जाता है। इसे छापने के लिए खास तरीके की इंक का इस्तेमाल किया जाता है। यह स्विजरलैंड की एक कंपनी द्वारा बनाई जाती है और अलग अलग इंक अलग अलग काम करती है। इसका पेपर भी खास तरीके से तैयार किया जाता है।

Bhupesh Tripathi
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