होटल-रेस्टोरेंट खुले, डिमांड बढ़ने पर अब अनलॉक में दिख रही महंगाई, बाजार में तेजी

थोक कारोबारियों का कहना है कि होटल-रेस्टोरेंट के खुलने के साथ ही अब अनलॉक में ज्यादातर लोग काम पर लौट रहे हैं, डीजल की कीमतों का असर बाजार में उतना ज्यादा नहीं है, जितना की प्रचारित किया जा रहा है। दरअसल मालभाड़े में 5 से 10 हजार रुपए की महंगाई का असर एक ट्रक माल मंगाने पर आ रहा है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 01 Jul 2020, 05:08 PM IST

रायपुर. लॉकडाउन से लेकर अनलॉक के दौरान किराना, अनाज, फल, सब्जी, एफएमसीजी की कीमतों पर पर 10 से लेकर 30 फीसदी तक अंतर देखा जा रहा है। महंगाई प्रति क्विंटल 100 रुपए से 300 रुपए तक बढ़ चुकी है। इसकी कई वजहें सामने आ रही है, जिसमें सबसे बड़ी वजह डिमांड बताई जा रही है। लॉकडाउन के दौरान जहां डिमांड 60 से 80 फीसदी तक घट चुकी थी, वहीं वर्तमान समय में डिमांड पटरी पर लौट रहा है। कई सेक्टरों में डिमांड 80 से लेकर 90 फीसदी तक पहुंच चुकी है।

बारिश की वजह से आयात-निर्यात का असर इस साल भी है, वहीं तीसरी वजह डीजल की कीमतें बताई जा रही है, लेकिन इसका असर प्रति किलो सिर्फ 2 से 3 रुपए ही आंका जा रहा है। थोक कारोबारियों का कहना है कि होटल-रेस्टोरेंट के खुलने के साथ ही अब अनलॉक में ज्यादातर लोग काम पर लौट रहे हैं, डीजल की कीमतों का असर बाजार में उतना ज्यादा नहीं है, जितना की प्रचारित किया जा रहा है। दरअसल मालभाड़े में 5 से 10 हजार रुपए की महंगाई का असर एक ट्रक माल मंगाने पर आ रहा है। 15 से 16 टन की गाडिय़ों में 15 हजार से 16 हजार किलो में प्रति किलो महंगाई 1.5 रुपए ही आ रही है। चिल्हर तक आते इन सामानों में 2 से 3 रुपए की महंगाई आ चुकी है।

मप्र से मुंग दाल की आवक, कीमतें बढ़कर हुईं कम

डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष राम मंधान व प्रवक्ता गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि लॉकडाउन की अपेक्षा अनलॉक में मांग बढ़ी है। इसलिए महंगाई देखी जा रही है। बारिश के दिनों में वैसे भी बाजार तेज रहता है। मध्यप्रदेश से मूंग दाल की आवक आ रही है, जिसमें कीमतें बढ़कर और कम हो चुकी है। मूंग दाल की कीमत इससे पहले 125 रुपए किलो तक पहुंच चुकी थी, लेकिन वर्तमान में यह कीमतें 90 से लेकर 100 रुपए तक है। कारोबारियों के मुताबिक जुलाई-अगस्त में कर्नाटक से मूंग दालों की आवक फिर शुरू होगी।

चिल्हर में 10 रुपए तक महंगी हुई राहर दाल

24 मार्च से लेकर वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो राहर दाल की कीमतों में प्रति किलो 10 रुपए तक की महंगाई आ चुकी है। इससे पहले राहर दाल (खंडा) की कीमतें थोक बाजार में 45 रुपए से लेकर अच्छी क्वालिटी की दाल 80 रुपए में मिल रही थी, लेकिन बाजार में डिमांड बढऩे के बाद अब कीमतें न्यूनतम 60 से लेकर अधिकतम 90 रुपए किलो है।

बारिश से सब्जियों की आवक प्रभावित

बारिश की वजह से सब्जियों की आवक प्रभावित हो चुकी है। डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक बंगलुरू से टमाटर की आवक १५-१६ गाडिय़ों के स्थान पर अब रोजाना ८ से ९ गाड़ी हो रही है। मालभाड़े की वजह से डीजल की कीमतों का असर टमाटर पर ३ से ४ रुपए किलो आ रहा है।

तेल स्थिर, शक्कर बढ़कर बैकफुट पर

तेलों की कीमतें बाजार में बीते १५ दिनों से स्थिर है। वर्तमान में सोयाबीन तेल 1385-1415 रुपए (15 किलो), सरसो तेल 1450 से 1550 रुपए और सन फ्लावर तेल की कीमत 1425 से 1500 रुपए पर बनी हुई है। शक्कर की कीमतें मई महीने में 38 रुपए से घटकर वापस 3510-3650 रुपए प्रति क्विंंटल पर बनी हुई है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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