निवेशकों को मिलेगा छूट के रूप में प्रोत्साहन, होटल-मोटल से मिलेगा राजस्व

नई पर्यटन नीति को कैबिनेट ने दी मंजूरी, होटल, मोटल सबको आकर्षक बनाने पर जोर, पुरानी साइट्स के साथ-साथ नई साइट्स भी खोजी जाएंगी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की नई पर्यटन नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस नई नीति के ड्राफ्ट में निवेशकों को आकर्षित करने की फुल-प्रूफ प्लानिंग हैं। निवेशकों के लिए ऐसे स्लैब बनाए गए हैं, जिसमें उन्हें प्रतिपूर्ति राशि मिलेगी। जिसे सरल भाषा में प्रोत्साहन राशि कहा जा सकता है। साथ ही साथ स्थानीय निवेशकों के लिए भी निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। इसके तहत स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
चिल्फी घाटी, अचानकमार अमरकंटक और हसदेव बांगो को इको टूरिज्म के लिहाज से विकसित करने की योजना है, जिस पर पर्यटन विभाग ने काम भी शुरू कर दिया है। हसदेव बांगो के लिए बोट खरीदी जा चुकी है। 29 फरवरी को यहां फ्लोङ्क्षटग रेस्टोरेंट में केबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित थी, मगर नहीं हो सकी।
नई पर्यटन नीति का मसौदा 2016 में ही बना शुरू हो चुका था। पुरानी नीति में बदलाव करने में चार साल लग गए। नई नीति में अगर ठीक ढंग से काम हुआ तो ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दो-तीन सालों में इसके परिणाम दिखाई देने लगेंगे। अफसरों का यह भी कहना है कि निवेश के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होगा। निवेश के बाद पर्यटन मंडल निरीक्षण करेगी और अपने मानकों/स्लैब के आधार पर प्रोत्साहन देगी।
आकर्षक होंगे पर्यटन केंद्र, होटल-मोटल
पर्यटन मंडल के 50 में से 12 होटल-मोटल ही ठीक-ठाक स्थिति में हैं और यहां पर्यटक ठहर रहे हैं। बाकी तो बंद हैं। नई पर्यटन नीति में इनका भी कायाकल्प होगा, ताकि ये राजस्व के स्त्रोत बन सकें। पर्यटन विभाग के अफसरों की मानें तो छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है मगर, उन क्षेत्रों को हम विकसित नहीं कर पाए। प्रचार-प्रसार नहीं कर पाए। पर्यटकों को उन क्षेत्रों में सुविधा नहीं दे पाए, यही वजह है कि आज पर्यटकों की संख्या कम है। मगर नई नीति में काफी कुछ नया है।
होम स्टे पॉलिसी
भविष्य में होम स्टे पॉलिसी लाने की भी तैयारी है। इसका मतलब है कि कोई सम्पतिधारक अपने निवास का कुछ हिस्सा पर्यटकों को रहने के लिए उपलब्ध करा सकेगा। भोजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकेगा। केरल, अंडमान, जम्मू, शिमला समेत देश के कई पर्यटन स्थलों में यह पॉलिसी है। इससे स्थानीय निवासियों को रोजगार मिलता है। हालांकि राज्य में कुछ पर्यटन केंद्रों के नजदीक यह सुविधा मिल रही है।
राम वन गमन भी इसी नीति का हिस्सा
प्रदेश सरकार राम वन गमन मार्ग को भी विकसित कर रही है। इसके लिए 09 जगहों का चयन किया गया है। जिसे विकसित किया जा रहा है। सरकार ने राशि का भी प्रावधान किया है। खुद मुख्य सचिव आरपी मंडल इसके विकास कार्यों को देख रहे हैं। इसे केंद्र सरकार के स्वदेश दर्शन प्रोजेक्ट में शामिल करवाने के लिए भी एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जो केंद्र को भेजा जाएगा। राम वन गमन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके, 100 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक इफ्फत आरा ने बताया कि अभी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। जब तक उसकी फाइनल कॉपी नहीं आ जाती, तब तक बोलना मुश्किल है। मगर हां, हम निवेशकों को प्रतिपूर्ति के फॉर्म में लाभ देंगे। इसके कई स्लैब हैं और सब में अलग-अलग प्रावधान है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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