scriptJamun competing with apple | सेब को टक्कर दे रहा जामुन | Patrika News

सेब को टक्कर दे रहा जामुन

- 50-60 रुपए में बिकने वाला जामुन 200 रुपए किलो बिक रहा
-डायबिटीज और पेट संबंधी समस्याओं के लिए है फायदेमंद

रायपुर

Updated: June 16, 2022 11:39:38 am

दिनेश यदु @ रायपुर. टमाटर के बाद मौसमी फल (seasonal fruit) में शामिल जामुन भी तेवर दिखा रहा है। कीमत में जामुन(Jamun) सेब को टक्कर दे रहा है। 50-60 रुपए किलो में बिकने वाला जामुन अब 200 रुपए किलो बिक रहा है। मौसमी फलों में इसकी कीमत सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सेब की कीमत 200 से 250 रुपए के बीच रहती है। इसकी बड़ी वजह जामुन की आवक कम होना है। टमाटर, नींबू, मिर्च (Tomato, Lemon, Chili) की तरह जामुन भी आम आदमी की जेब में भारी पड़ रहा है। औषधिय गुणों (medicinal properties) से भरपूर होने के कारण बारिश के मौसम में जामुन की मांग ज्यादा हो जाती है। राज्य के कई इलाकों में इसकी पैदावार होती है। रायपुर के अलावा दिल्ली, मध्यप्रदेश के साथ महाराष्ट्र में भी इसकी मांग रहती है।
आवक की कमी ने बढ़ाया रेट
डूमरतराई सब्जी व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि अभी बाजार में जामुन की आवक कम है। इस कारण इसका रेट अधिक है। थोक में 160-180 रुपए चल रहा है। चिल्हर में 200-210 रुपए किलो है। एक-दो माह बाद बढ़ने की उम्मीद है। उस समय कीमत कम होने की संभावना है।
सेब को टक्कर दे रहा जामुन
सेब को टक्कर दे रहा जामुन
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सेब को टक्कर दे रहा जामुन
IMAGE CREDIT: Dinesh Yadu @ Patrika Raipur
सरगुजा व बस्तर में ज्यादा पैदावार
फल व्यापारी संघ के सचिव आनंदराम ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा व बस्तर संभाग में जामुन की पैदावार सबसे ज्यादा होती है। गरियाबंद और ओडिशा बार्डर से भी जामुन की आवक होती है। बिलासपुर संभाग में मारवाही से लगे कोटमी, भांड़ी, रूमगा, बस्तीबगरा, मटियाडांड, देवरीकला में जामुन होता है। बस्तर संभाग के कांकेर, दुर्गूकोंदल, भानुप्रतापपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, जगदलपुर के जंगलों में भी जामुन की पैदावार होती हैं।
औषधिय गुणों से भरपूर है
जामुन शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. संजय शुक्ला ने बताया कि जामुन के फल के साथ ही इसके बीज में कई औषधिय गुणों से भरे हैं। जामुन डायबिटिज को नियंत्रित करता है। ब्लड में शर्करा के लेवल को सामान्य करता है। इसके बीज को सूखा के चूर्ण बनाकर उपयोग किया जाता है। जामुन पित्त शामक है। गर्मी में लोगों को पित्त की समस्या ज्यादा रहती है। जामुन का सेवन करने से यह ठीक होता है। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव होने से पाचन तंत्र की समस्या आती है। इस समय जामुन पाचन क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और भूख भी बढ़ाती है।

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