17 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन, इस दौरान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए निकल पड़े कांवड़िए

17 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन, इस दौरान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए निकल पड़े कांवड़िए

Akanksha Agrawal | Updated: 14 Jul 2019, 09:30:33 AM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैजनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों (Jyotirling) में से एक है। लोगों का मानना है कि यहां आकर सच्चे मन से बाबा बैजनाथ से मनोकामना मांगते हैं, भगवान भोलनाथ उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

रायपुर. सैकड़ों इरादे बनते हैं, बनकर टूट जाते हैं, कांवर वहीं उठाते हैं जिन्हें भोले बुलाते हैं। बाबा की सेवा और उनके प्रति अटूट श्रद्धा का भाव ही है कि शहर के लाखे नगर में रहने वाले सुरेश चौधरी बीते 29 साल से बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे हैं। आज फिर वह अपनी समिति के बैनर तले 35 कांवरियों के साथ सुबह 8 बजे दानापुर साउथ बिहार एक्सप्रेस से रवाना हुए। बाबा बैजनाथ धाम को गंगाजल अर्पित करने सुल्तानगंज के लिए उनका जत्था रवाना होगा।

प्रदेश की उन्नति और अच्छे मानसून के लिए प्रार्थना
प्रदेश की उन्नति और अच्छे मानसून की प्रार्थना सावन के पहले दिन ही बाबा से करेंगे। बोल बम कांवरिया सेवा समिति द्वारा 19 वर्षों से अश्वनी नगर चौधरी निवास पर पंडाल लगाकर कांवरियों के विश्राम और जलपान की व्यवस्था की जा रही है।

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है बाबा बैजनाथ धाम
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैजनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। लोगों का मानना है कि यहां आकर सच्चे मन से बाबा बैजनाथ से मनोकामना मांगते हैं, भगवान भोलनाथ उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसलिए इस शिवलिंग को कामना शिवलिंग भी कहते हैं।

यह है बाबा बैजनाथ की कहानी
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हिमालय पर कठिन तप किया और भगवान को खुश करने के लिए अपने सिर एक एक करके भगवान को अर्पित करने लगा। जैसे ही रावण अपना 10वां सिर काटने वाला था भगवान शिव प्रकट हुए और उन्होने रावण से वरदाना मांगने को कहा।

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तब रावण ने भगवान शिव से कामना शिवलिंग को लंका ले जाने का वर मांगा। भगवान शिव ने रावण को कामना शिवलिंग ले जाने की इजाजद दे दी। पर एक शर्त रखी की अगर रास्ते में रावण के कहीं पर भी इसे नीचे रखा, तो यह वहीं पर विराजमान हो जाएगा।

रावण शर्त मानकर कामना शिवलिंग को लेकर जाने लगा तब रास्ते में उसे लघुशंका लगी। तो रावण ने एक ग्वाले को शिवलिंग पकड़ाकर लघुशंका करने चला गया। पौराणिक कथाओं के मुताबिक वह ग्वाला भगवान विष्णु थे और उन्होने वह शिवलिंग वहीं नीचे रख दिया। वह जगह देवघर ही था। और भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग वहां विराजमान हो गया।

इन जगहों पर स्थित है 12 ज्योतिर्लिंग
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग - गुजरात
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग - आंध्रप्रदेश
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग - मध्यप्रदेश
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग - मध्य प्रदेश
5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग - उत्तराखंड
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग - महाराष्ट्र
7. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग - उत्तर प्रदेश
8. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग - महाराष्ट्र
9. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग - गुजरात
10. बैजनाथ ज्योतिर्लिंग - झारखंड
11. रामेश्वर ज्योतिर्लिंग - तामिलनाडु
12. घृणेश्वर ज्योतिर्लिंग - महाराष्ट्र

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