खारून के पानी में औद्योगिक कचरा मिलाने वाले कारोबारियों पर रायपुर कलेक्टर सख्त, जांच के लिए दोबारा भेजेंगे टीम

25 फरवरी को पर्यावरण संरक्षण मंडल-बिरगांव नगर निगम की संयुक्त टीम ने 20 फैक्ट्रियों की जांच रिपोर्ट सौंपी थी

By: Devendra sahu

Published: 07 Mar 2020, 08:15 PM IST

रायपुर. खारून के पानी में औद्योगिक कचरा मिलाने वाले कारोबारियों पर रायपुर कलेक्टर सख्त हो गए है। उद्योगों की जांच हो सके, इसलिए कलेक्टर ने 20 फरवरी को पर्यावरण संरक्षण मंडल और बिरगांव नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया था।

इस टीम ने 24 उद्योगों में से 20 उद्योगों की जांच करके आधी-अधूरी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को सौंप दी थी। रिपोर्ट पढऩे के दौरान अफसरों की कार्रवाई से कलेक्टर नाखुश दिखे और उन्होंने बिरगांव इलाके में स्थित सभी उद्योगों की दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया है। उद्योगों की जांच निष्पक्ष हो सके इसलिए अब सोशल टीम उद्योगों की जांच करेगी और रिपोर्ट रायपुर कलेक्टर को बनाकर देगी।

बिरगांवासियों के लिए गंदा पानी बना परेशानी
खारून के पानी में औद्योगिक कचरा की मिलावट बिरगांववासियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थानीय रहवासी दूषित पानी पीने के लिए मजबूर है। रहवासियों और जनप्रतिनिधियों ने उद्योग संचालकों की इस मनमानी की शिकायत रायपुर कलेक्टर से की थी। बिरगांव निगम क्षेत्र की आबादी एक लाख से ऊपर है। बिरगांव इलाके में लगे उद्योगों का गंदा पानी बेंद्री रोड नाला से सीधे खारून में मिल रहा है। उद्योगों को एसटीपी लगाना है, लेकिन इस ओर कोई भी कारोबारी ध्यान नहीं दे रहा है।

रोजाना 5 लाख लीटर पानी हो रहा बर्बाद
बिरगांव इंटेकवेल से एक दिन में कुल 450 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई होती है। इसमें से 25 लाख लीटर पानी नागरिकों को और 20 लाख लीटर पानी तालाब में सप्लाई किया जा रहा है। रोजाना पांच लाख लीटर पानी फिल्टर प्लांट की सफाई में बर्बाद हो रहा है। बिरगांव में संचालित कंपनियों का केमिकल युक्त पानी सीधे इंटेकवेल के पास आकर गिर रहा है। जिससे इंटकवेल के पास जमा पानी प्रदूषित है। इंटकवेल से वही गंदा पानी फिल्टर प्लांट में पहुंच रहा है। फिल्टर प्लांट में पानी को शुद्ध करने के लिए तीन बेड हैं। गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए एलम की मात्रा अधिक डालनी पड़ रही है। एलम की अधिक मात्रा की वजह से फिल्टर प्लांट का बेड जाम हो रहा है। एक दिन में तीनों बेड को न्यूनतम तीन बार साफ करना पड़ रहा है। जिससे एक दिन में करीब पांच लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।

रिपोर्ट में बदलाव तो संयुक्त टीम पर गिरेगी गाज
कलक्ट्रेट कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त टीम की जांच और नवगठित सोशल टीम की जांच में बिरगांव में लगे उद्योगों की रिपोर्ट यदि अलग-अलग आएगी तो पूर्व में उद्योगों की जांच करने वाली टीम पर गाज गिर चुकी है। जिले की स्थिती सुधरे इसलिए रायपुर कलेक्टर ने अफसरों का कार्यप्रणाली बदलने का निर्देश पूर्व में दिया था। जिन 4 उद्योगों की जांच संयुक्त टीम ने नहीं की है, विभागीय अधिकारियों की माने तो सोशल टीम वहीं से अपनी जांच शुरू कर सकती है।

संयुक्त टीम ने औद्योगिक कचरा फैलाने वाले उद्योगों की जो रिपोर्ट सौपी थी। वह रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है। दोबारा सोशल टीम बनाकर उद्योगों की जांच कराएंगे और गलती सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर

Devendra sahu Desk
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