40 घंटे में 200 किलोमीटर पैदल चलकर बचाई जान, मजदूर हो गए थे मानव तस्करी के शिकार

Human Trafficing in Chhattisgarh: उन्हें काम के बदले में सिर्फ खाने को दिया जाता था और रात में उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता था। जब उन्होंने अपनी मजदूरी मांगी तो उनकी पिटाई कर दी गयी और पिटाई का ये सिलसिला हर बार मजूरी मांगने पर चलता रहता था।

रायपुर. Human Trafficing in Chhattisgarh: कोरबा जिले 6 मजदुर भिलाई के स्टील प्लांट में पांच महीने पहले मजदूरी करने के लिए गए। दो महीने काम करने के बाद उन्हें उनके ठेकेदार शंकर ने ज्यादा मजदूरी का लालच दिया और उन्हें औरंगाबाद के नवीगर ले गया। जहां वो सरिया फैक्ट्री में काम करने लगे।

कुष्ठ विभाग के अधिकारी ने नशीली दवाएं देकर नाबालिग का अश्लील वीडियो बनाया और तीन साल तक किया दुष्कर्म

लेकिन उन्हें काम के बदले में सिर्फ खाने को दिया जाता था और रात में उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता था। जब उन्होंने अपनी मजदूरी मांगी तो उनकी पिटाई कर दी गयी और पिटाई का ये सिलसिला हर बार मजूरी मांगने पर चलता रहता था। मजदूरों को वहां से घर जाने का रास्ता भी नहीं पता था। उन्होंने आसपास लोगों से पता पूछा और वहां से भाग निकले।

बेटी के लव मैरिज से गुस्साए बाप ने समधी को पहले लात घूसों से पीटा फिर मुंह काला कर पिलाया पेशाब

वहां से वो जैसे-तैसे रामानुजगंज पहुंचे। युवकों को पैदल अंबिकापुर की ओर जाते देख मॉर्निंग वॉक कर रहे सुरेंद्र गुप्ता ने पूछताछ की तो युवकों ने पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया की 40 घंटे में 200 किलोमीटर पैदल चलकर यहां पहुंचे।बंधक युवक कोरबा के पाली के रहने वाले हैं।

ये भी पढ़ें: अनजान लाश के पीछे थी खतरनाक प्रेम कहानी, दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर पहले आशिक के साथ खेला खुनी खेल

Karunakant Chaubey
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned