एंबुलेंस और बेड की कमी से जूझ रहा रायपुर, 12 से 48 घंटे तक लग रहे मरीजों की अस्पताल शिफ्टिंग में

- कोरोना मरीजों को शिफ्ट करने के लिए रायपुर में 108 संजीवनी एंबुलेंस की 6 एंबुलेंस

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 27 Jul 2020, 07:00 PM IST

रायपुर. राजधानी रायपुर में कोरोना मरीजों की संख्या 2 हजार के करीब जा पहुंची है। स्थिति यह है कि इन्हें अस्पताल शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस कम पड़ रही हैं क्योंकि कोरोना मरीजों को उनके घर, होटल और क्वारंटाइन सेंटर से लाने ले जाने के लिए 108 संजीवनी एक्सप्रेस की सिर्फ 6 एंबुलेंस लगाई गई हैं। वहीं अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। अब इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। मरीजों को फोन कर कह दिया जा रहा है कि आप संक्रमित हैं, मगर कब अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए एंबुलेंस पहुंचेगी, यह नहीं बताया जा रहा है। 12 से 48 घंटे तक शिफ्टिंग में लग जा रहे हैं।

उधर, इसकी वजह से न सिर्फ मरीज तनावग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि घर-परिवार, आस- पड़ोस वाले भी भयभीत होते हैं। 'पत्रिका' ने ऐसी ही कुछ मरीजों के बारे में जानकारी जुटाई। मरीज, पार्षद और पड़ोसियों से बात की। हर कोई परेशान है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के सामने संसाधन की कमी आ खड़ी हुई है।

विभाग की अपील- घबराएं नहीं
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह अपील भी जारी की गई है कि अगर आप पॉजिटिव आते हैं तो घबराएं नहीं। आपको अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा। हर संभव इलाज मुहैया करवाया जाएगा। बस इस दौरान आप अपने परिजनों से दूर रहें, खुद को कमरें में बंद रखें और तनावमुक्त रहें।

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मरीजों की समस्याएं

केस 1-
मौदहापारा थाना के हवलदार-
- 23 की रात में मुझे कॉल आया कि आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं पहले से क्वारंटाइन में था, क्योंकि हमारे साथी स्टॉफ पॉजिटिव आए थे। २४ को मैं दिनभर इंतजार करता रहा कि एंबुलेंस लेने आएगी। मगर, नहीं आई। कई बार १०४ और १०८ को कॉल किया। बोले, बस आ रहे हैं। २५ की सुबह मुझे एम्स में एडमिट किया है। यहां बेहतर इलाज मिल रहा है, कोई समस्या नहीं है।

केस 2-
लाखेनगर के बुजुर्ग मरीज-
- लाखेनगर में एक बुजुर्ग व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। परिवार वाले दहशत में थे। पार्षद मृत्युजंय दुबे ने बताया कि मैंने निगामायुक्त, जोन आयुक्त और सीएमएचओ को फोन पर इसकी सूचना दी। उसके बाद भी मरीज की शिफ्टिंग में वक्त लगा। अफसरों ने एंबुलेंस और स्टाफ की कमी का हवाला दिया।

केस 3-
अमलीडीह में स्वास्थ्य अधिकारी पॉजिटिव-
अमलीडीह स्थित एक रेसीडेंसी के ब्लॉक 1 में रहने वाले मलेरिया विभाग के एक अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव 22 जुलाई को पॉजिटिव आई। इन्हें न तो भर्ती करवाया गया, न स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधिकारी की सुध ली। फ्लोर को सील भी नहीं किया गया। जबकि इस रेसीडेंसी में 60 से अधिक परिवार रहते हैं। हालांकि मीडिया में खबरें आने के बाद उन्हें भर्ती करवाया गया।

ईएमटी और ड्राइवर भी पॉजिटिव आ रहे
108 संजीवनी एंबुलेंस के ड्राइवर और ईएमटी भी संक्रमित हो रहे हैं। इसकी वजह है चूक भी हो सकती है। ईएमटी के ईएमटी को पीपीई किट दी जा रही है, लेकिन ड्राइवर को नहीं। हालांकि संचालक एजेंसी का कहना है कि कर्मचारियों की कोविड से सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

इसी पैकेज में अलग
आखिरकार खोलना पड़ गया इंडोर स्टेडियम का अस्थाई अस्पताल, आयुर्वेद कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भी भर्ती होंगे कोरोना मरीज कोरोना संक्रमण बढऩे की आशंका के मद्देनजर महीनेभर से तैयार इंडोर स्टेडियम में बना कोविड केयर सेंटर (अस्थाई अस्पताल) को शनिवार को खोल दिया गया। 260 बिस्तर वाले इस अस्थाई अस्पताल में अभी 18 मरीजों को भर्ती करवाया गया है। ऐसे मरीज जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं, वे ही यहां रखे जाएंगे। तो वहीं, लालपुर स्थित 84 बिस्तर के अस्पताल में 33 मरीज भर्ती करवाए गए हैं। आयुर्वेद कॉलेज में पीलिया मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भी कोरोना मरीज भर्ती होंगे। शनिवार को स्वास्थ्य टीम ने इसका निरीक्षण किया। यहां तैयारियां मानकों पर हैं। रायपुर में अभी 700 और मरीजों को भर्ती करने का बंदोबस्त है।

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