प्रदेश में धान की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, लाखों क्विंटल धान पानी की भेट चढ़ा

धमतरी जिले के लगभग सभी धान खरीदी केन्द्रों में लापरवाही के चलते धान पानी की भेट चढ़ गया।

रायपुर/धमतरी. सोमवार को दिनभर की बारिश का सीधा असर समितियों मे धान खरीदी पर पड़ा है। 30 घंटे से अधिक समय तक लगातार भारी बारिश के चलते प्रदेश के अलग-अलग धान मंडियों में रखे धान पूरी तरह से भीग गया है। धमतरी जिले के लगभग सभी धान खरीदी केन्द्रों में लापरवाही के चलते धान पानी की भेट चढ़ गया।

आपको बता दें कि सरकार ने 39 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, करीब 800 करोड़ की लागत से खरीदे जाने वाले धान की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किया गया है और तो और खरीदी केंद्रों को करीब 1 करोड़ 30 लाख दिए जाने के बाद भी ताल पत्री नहीं खरीदी। कर्मचारी पुरानी और तालपत्री से ही धान को ढका जा रहा है। जिसके चलते सोमवार को हुई भारी बारिश से लाखों का धान पानी में भीग गया। पत्रिका टीम ने मंगलवार को धमतरी शहर के अलावा अलग-अलग केन्द्रों में जाकर निरीक्षण किया।

 

धान करपा को होगा काफी नुकसान
मौसम के इस सिस्टम की मार उन किसानों को पड़ी है जो धान कटाई करके धान करपा को खेतों में छोड़ दिए है। रायगढ़ जिले के साल्हेओना के कृषक बागराय पटेल का कहना है कि दो दिन पहले हाथ से धान की कटाई किए थे। चूंकि धान की बालियां कच्चा होने के वजह करपा को सूखने के लिए छोड़ दिए थे। अब अचानक बारिश होने से धान करपा को सूखने में सप्ताह भर का समय लगेगा। इस दौरान गीले धान करपा में दीमक लग सकता है। इससे धान की एक दाना भी नहीं मिल पता है। छोटे किसानों का भ_ा बैठ जा रहा है।

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चंदू निर्मलकर Desk
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