ढिलाई के चलते संचालित हो रहा सूदखोरी का बड़ा रैकेट, खुदकुशी करने मजबूर हो रहे लोग

महिला की मौत के जिम्मेदार सूदखोर की अब तक गिरफ्तारी नहीं, ब्लैकमेलिंग के मामले भी आ चुके हैं सामने

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 07 Jul 2020, 07:15 PM IST

रायपुर. राजधानी में ब्याज में उधार देकर अधिक पैसा वसूलने का गोरखधंधा बड़े पैमाने में पर चल रहा है। सूदखोर अधिक पैसा वसूलने के लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं। कर्जदारों को खुदकुशी तक करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस सूदखोरों की वसूली की जांच और कार्रवाई नहीं कर रही है। राजेंद्र नगर इलाके में सब्जी का धंधा करने वाली जानकारी बाई साहू को सूदखोर कमल वासलीवाल ने खुदकुशी करने पर मजदूर कर दिया।

महिला ने जहर खाकर अपनी जान दे दी, लेकिन पुलिस अब तक उस सूदखोर की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है और न ही उसके लाइसेंस की जांच कर पाई है। इससे पहले महिला को सूदखोर ने अपने घर बुलाकर बेदम पीटा था। शहर में ब्याज में पैसा देने के आड़ में ब्लैकमेलिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। रायपुर में 200 से अधिक छोटे-बड़े सूदखोर सक्रिय हैं, जो साहूकारी के लाइसेंस के आड़ में अधिक ब्याज वसूली का धंधा कर रहे हैं।

जेल से छूट गए सूदखोर

भाठागांव निवासी रूबी सिंह तोमर और उसके भाई ने कई कारोबारियों को कर्ज देकर ब्लैकमेल किया है। तय ब्याज से अधिक रकम वसूली है। इसकी शिकायत पर पिछले साल पुलिस दोनों भाइयों और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज करके जेल भेजा था। डेढ़ माह पहले दोनों भाई जेल से छूट गए। आरोपियों के खिलाफ और कई शिकायतें हैं, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। पिछले साल ही टाटीबंध के लखविंदर सिंह उर्फ लक्की ने कर्ज वापस नहीं करने पर बृजेश सिंह पर पिस्टल तान दी थी। आरोपी कर्ज चुकाने के बाद भी ब्लैंक चेक वापस नहीं कर रहा था।

लाइसेंस में 2 से 5 फीसदी तक के ब्याज पर रकम

जिला प्रशासन की ओर से कर्ज में पैसा देने के लिए साहूकारी का लाइसेंस जारी किया जाता है। लाइसेंस में 2 से 5 फीसदी तक के ब्याज पर रकम देने का प्रावधान होता है। साथ ही इस लाइसेंस का समय-समय पर रिन्यूअल और शासन के नियमों का पालन का निर्देश होता है। लाइसेंस लेने वाले अधिकांश लोग सरकारी नियमों का पालन नहीं करते और 10 से 20 फीसदी तक के ब्याज में रकम उधार देते हैं। प्रशासन इसकी जांच कभी नहीं करती।

कर्ज वसूलने आपराधिक प्रवृत्ति के लोग संलिप्त

शहर में सूदखोरी का धंधा सुनियोजित ढंग से चलाया जा रहा है। कर्ज वसूलने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को रखा जाता है। कर्ज लेने वाले से कोरे स्टाम्प पेपर में हस्ताक्षर करवा लिया जाता है। इसके अलाव सिक्युरिटी के लिए ब्लैंक चेक में हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं। इससे कर्जदार मजबूरी में अधिक ब्याज देता रहता है।

पुरानी बस्ती, रायपुर सीएसपी मनोज कुमार धु्रव ने बताया कि जांच के बाद आरोपी कमल के खिलाफ कर्जा एक्ट का अपराध भी कायम किया जाएगा। आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है। साहूकारी के लाइसेंस की भी जांच की जाएगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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