लॉकडाउन की अवधि में भी राज्य में दुग्ध उत्पादक किसानों को 10 करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान

- दूध और दुग्ध पदार्थों के बिक्री में 50 फीसदी की कमी के बावजूद भी महासंघ रख रहा है दुग्ध उत्पाद किसानों के हितों का ख्याल
- राज्य में प्रतिदिन 95 हजार लीटर दूध का संकलन जारी

By: ramdayal sao

Updated: 10 May 2020, 09:45 PM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध मंहासंघ ने लॉकडाउन के दौरान भी राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए न सिर्फ उनके द्वारा उत्पादित दूध का संकलन कर रहा बल्कि दूध की खरीदी के एवज में महासंघ ने इस अवधि में 10 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी दुग्ध उत्पादक किसानों को किया है। कोरोना संक्रमण की वजह से 23 मार्च से जारी लॉकडाउन के बावजूद भी दुग्ध महासंघ ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे एवं अध्यक्ष रसिक परमार के मार्गदर्शन में सुरक्षित तरीके से दुग्ध संकलन की बेहतर कार्य-योजना तैयार कर इसको सुचारू रूप से जारी भी रखा।
लॉकडाउन के चलते दूध और दुग्ध पदार्थों की बिक्री एवं खपत में लगभग 50 फीसदी की गिरावट के बावजूद भी दुग्ध महासंघ के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव मनिन्दर कौर द्विवेदी एवं प्रबंध संचालक नरेन्द्र कुमार दुग्गा के मार्गदर्शन में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए उनसे दूध की खरीदी में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी है। दुग्ध महासंघ लॉकडाउन की शुरूआती दिन से लेकर आज तक की कठिन परिस्थिति में भी किसानों से रोजाना 95 हजार लीटर दूध क्रय करने के साथ ही समय पर किसानों को उसके एवज में राशि का भुगतान भी कर रहा है।
प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा ने बताया कि लॉकडाउन के बावजूद भी दुग्ध महासंघ द्वारा उपभोक्ताओं को ‘देवभोग‘ दूध एवं दुग्ध पदार्थ बिना किसी व्यवधान के निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है। दुग्ध महासंघ द्वारा अपने मोबाइल मिल्क पार्लर द्वारा रायपुर एवं दुर्ग शहर की बड़ी रहवासी कॉलोनियों-अपार्टमेंटस में निरंतर दूध एवं दुग्ध पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

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