छत्तीसगढ़ की जेलों में 23 हजार कैदी, लोकसभा चुनाव में कोई भी नहीं दे सकेगा वोट

छत्तीसगढ़ की जेलों में 23 हजार कैदी, लोकसभा चुनाव में कोई भी नहीं दे सकेगा वोट

Ashish Gupta | Publish: Mar, 17 2019 08:51:54 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 08:51:55 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद करीब 23000 बंदियों में किसी को भी मतदान करने नहीं मिलेगा। वह आगामी लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

रायपुर. छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद करीब 23000 बंदियों में किसी को भी मतदान करने नहीं मिलेगा। वह आगामी लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे। स्थिति को देखते हुए जेल मुख्यालय ने सभी जेलरों से रिपोर्ट मांगी है। इसमें मतदान की पात्रता रखने वाले बंदियों की जानकारी मंगवाई गई है।

पिछले 20 वर्ष में यह पहला मौका है कि जब बंदी को इसके लिए पात्र नहीं माना गया है। जेल नियमावली के अनुसार विचाराधीन बंदी और अपराधी चुनाव लड़ सकता है। लेकिन, मतदान में भाग नहीं ले सकता है। केवल शांति भंग करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल भेजे जाने वाले बंदी को इसकी अनुमति मिलती है।

बता दें कि राज्य में नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान बिलासपुर के एक हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र कुमार सिंह को इसकी अनुमति मिली थी। लेकिन, डाक मतपत्र उपलब्ध नहीं कराने पर वह अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाया था।

यह है कानूनी प्रावधान
जेल नियमावली और भारत में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62 (5) के तहत जो जेल में बंद है या पुलिस कस्टडी में है उसे मतदान का अधिकार नहीं होता। मतदाता सूची में नाम रहने के बाद भी उसे अपना मताधिकार का प्रयोग करने की इजाजत नहीं होती है।

बता दें कि रासुका के तहत जेल भेजे जाने वाले बंदी द्वारा आवेदन देने पर कलेक्टर इसका निर्णय करते हैं। उनकी अनुशंसा पर चुनाव आयोग द्वारा डाक मतपत्र उपलब्ध कराया जाता है। इसके जरिए वह जेल की सलाखों के पीछे रहकर भी अपने चुनिंदा प्रत्याशी को मतदान कर सकता है। गिनती करने के दौरान सबसे पहले उसकी अलग से गिनती की जाती है।

डीआईजी जेल के.के. गुप्ता ने कहा, मतदान की पात्रता रखने वाले बंदियों के संबंध में सभी जेलों से जानकारी मंगवाई गई है। जेल नियमावली के अनुसार मात्र रासुका के जेल भेजे गए बंदी को मतदान करने की पात्रता मिलती है। लेकिन, इस तरह के किसी भी प्रकरण में किसी को जेल नहीं भेजा गया है।

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