प्रज्ञा ठाकुर के विवादित बयान की आंच में तप रही है छत्तीसगढ़ की सियासत

प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा द्वारा भोपाल का उम्मीदवार बनाये जाने और उनके विवादित बयान से उपजे राजनितिक आंच की तपिश छत्तीसगढ़ की राजनीति भी महसूस कर रही है।

By: Deepak Sahu

Published: 22 Apr 2019, 02:05 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ समेत पुरे देश की राजनीति प्रज्ञा ठाकुर के इर्द गिर्द केंद्रित हो गयी है। कल तीसरे चरण का चुनाव होना है लेकिन जबसे भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से अपना उम्मीदवार बनाया है भारत की राजनीति से बाकी सभी मुद्दे नदारद हो गए हैं। प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाये जाने से कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी है और इसकी बड़ी वजह ये है की भाजपा अपने इस उम्मीदवार के सहारे हिंदुत्व का कार्ड खेल कर वोटों का ध्रुवीकरण करने में सफल हो सकती है।

2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। जैसे हालात हैं, साफ है कि एक बार फिर से हिंदू आतंकवाद का जिन्न बाहर आ गया है।इससे न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि सम्पूर्ण हिंदी पट्टी के वोटर्स प्रभावित होंगे।इसकी वजह है भोपाल लोकसभा सीट। भोपाल सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से दो दो हाथ करने के लिए भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को भोपाल का किला जीतने की जिम्मेदारी दी है।

छत्तीसगढ़ में भी गर्मायी सियासत

प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा द्वारा भोपाल का उम्मीदवार बनाये जाने और उनके विवादित बयान से उपजे राजनितिक आंच की तपिश छत्तीसगढ़ की राजनीति भी महसूस कर रही है।।छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रज्ञा ठाकुर को आदतन अपराधी बताते हुए कहा की वह शुरू से ही झगड़ालू प्रवृत्ति की रही है।भूपेश बघेल के इस बयान के बाद रमन सिंह ने भूपेश बघेल को अपराधी बताते हुए कहा था की भूपेश बघेल हिन्दुस्तान के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो जमानत पर हैं ऐसे में दूसरों को आइना दिखाने के बजाय उन्हें खुद आईने में अपना चेहरा देखना चाहिए।

प्रज्ञा ठाकुर का विवादित बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने 26/11 मुंबई हमले में शहीद हुए तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने करकरे से कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा। इसके बाद प्रज्ञा की टिप्पणी की सभी लोगों ने आलोचना की थी और इसपर काफी विवाद भी हुआ था। बाद में उन्हें अपना बयान वापस लेना पड़ा था और इसके लिए चुनाव आयोग ने उनको नोटिस भी जारी किया था।

कौन है प्रज्ञा ठाकुर

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव धमाकों के बाद सुर्खियों में आई थीं। जिसके बाद उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। साल 2017 में सबूतों के अभाव में एनआईए ने अदालत से उन्हें जमानत देने पर एतराज न होने की बात कही जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया। वो 9 साल जेल में रहने के बाद बाहर आई है।

प्रज्ञा ठाकुर का विवादित बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने 26/11 मुंबई हमले में शहीद हुए तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने करकरे से कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा। इसके बाद प्रज्ञा की टिप्पणी की सभी लोगों ने आलोचना की थी और इसपर काफी विवाद भी हुआ था। बाद में उन्हें अपना बयान वापस लेना पड़ा था और इसके लिए चुनाव आयोग ने उनको नोटिस भी जारी किया था।

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