भाजपा की मैराथन बैठक जारी, 18 को जारी हो सकती है उम्मीदवारों की सूची

भाजपा की मैराथन बैठक जारी, 18 को जारी हो सकती है उम्मीदवारों की सूची

Ashish Gupta | Publish: Mar, 17 2019 01:07:39 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के भाग्य के फैसले के लिए भाजपा के पदाधिकारी दिल्ली के लिए रवाना हुए। माना जा रहा है कि भाजपा 18 या फिर 19 मार्च को अपने 11 लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी।

रायपुर. छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों के भाग्य के फैसले के लिए शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये सभी 18 मार्च को भाजपा संसदीय चुनाव बोर्ड की बैठक में शामिल होंगे। इसमें सभी लोकसभा सीट के पैनलों के नामों पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि भाजपा 18 या फिर 19 मार्च को अपने 11 लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी।

संसदीय चुनाव बोर्ड की बैठक से एक दिन पहले ही वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली जाने से कई कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल होने से पहले अपना पूरा होमवर्क कर लेंगे, ताकि अपनी बातों को प्रमुखता के साथ रख सकें। जांजगीर-चांपा जैसी अन्य लोकसभा सीटों में जहां उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक है, उन सीटों के पैनल को थोड़ा छोटा भी किया जा सकता है, ताकि बैठक में बहुत ज्यादा समय खराब न हो।

यही वजह है कि वरिष्ठ नेता एक दिन पहले दिल्ली जाकर सभी सीटों पर मंथन करेंगे। सभी वरिष्ठ नेता शनिवार को दोपहर की नियमित विमान से दिल्ली रवाना हुए। बताया जाता है कि शनिवार और रविवार को केंद्रीय वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।

 

दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जीत के दावों को दोहराते हुए कहा कि सभी 11 में से 11 सीटें पार्टी जीतेगी। जो पैनल दिल्ली भेजा गया है, उन सभी पैनल में मौजूदा सांसद के साथ-साथ 3 से 7 दावेदारों के नाम हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने कहा, 18 मार्च को भी संसदीय चुनाव समिति की बैठक होगी, जिसमें नाम फाइनल हो जाने की उम्मीद है।

टिकट के लिए भले ही दावेदारों की लाइन लगी हो, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के फार्मूले में खरे उतरना उनके लिए भी चुनौतिपूर्ण काम है। केंद्रीय नेतृत्व ने टिकट वितरण से पहले संभावित दावेदारों की खोज के लिए कई एजेंसियों के माध्यम से सर्वे करवाया है। इसमें मौजूदा सांसदों के कामकाज के अलावा जीत सकने वाले संभावित दावेदारों के संबंध में भी जानकारी ली गई है। संसदीय चुनाव समिति की बैठक में सर्वे के आधार पर मिले नामों को ध्यान में रखकर ही चर्चा होगी। इसके बाद ही पार्टी अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेगी।

हर लोकसभा क्षेत्र से एक महिला का नाम शामिल

इस बार लोकसभा चुनाव के लिए महिलाओं ने भी खुलकर अपने दावेदारी पेश की है। यही वजह है कि प्रदेश चुनाव समिति ने हर लोकसभा सीट से एक-एक महिला दावेदारों को भी पैनल में रखा है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने दो महिलाओं को टिकट दिया था। इसमें दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से सरोज पाण्डेय और जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र से कमला देवी पाटले को अपना प्रत्याशी बनाया था।

हालांकि इस चुनाव में सरोज पाण्डेय को हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान में वे भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव है। इस बार भी माना जा रहा है कि भाजपा दो से तीन महिला दावेदारों पर अपना दांव खेल सकती है। वैसे भी पिछली लोकसभा के कार्यकाल को देखे, तो सांसद कमला देवा पाटले लोकसभा में सबसे ज्यादा सक्रिय रही है।

विजय बघेल और रमेश बैस के नाम पर उलझन
सात बार का सांसद रहे रमेश बैस ऐसे एक मात्र सांसद है, जो कि पूरे कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए बैस की टिकट कटने से जातिगत समीकरण गड़बड़ा सकता है। हालांकि इस बार दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के पैनेल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भतीजे विजय बघेल का नाम भेजा गया है।

जानकारों का कहना है कि यदि पार्टी जातिगत समीकरण को ध्यान में रखेगी, तो बैस या बघेल में से किसी एक की टिकट को फाइनल किया जा सकता है। हालांकि रायपुर से पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल की दावेदारी को भी काफी मजबूत माना जा रहा है। दुर्ग में पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पाण्डेय के पसंद के प्रत्याशी पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है।

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