1971 के लोकसभा का वो चुनाव जिसमें इंदिरा गांधी के दौरे से बदल गई थी चुनावी तस्वीर

1971 के लोकसभा का वो चुनाव जिसमें इंदिरा गांधी के दौरे से बदल गई थी चुनावी तस्वीर

Ashish Gupta | Publish: Apr, 17 2019 07:17:24 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 07:17:25 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

राज्य में तीन लोकसभा सीटों कांकेर, महासमुंद और राजनांदगांव के लिए 18 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

रायपुर. लोकसभा चुनाव का समर अपने शबाब पर है। राज्य में तीन लोकसभा सीटों कांकेर, महासमुंद और राजनांदगांव के लिए 18 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आज हम आपको ऐसे ही एक किस्से के बारे में बता रहे हैं जिसमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के दौरे ने पूरी चुनावी तस्वीर बदल थी।

कांकेर लोकसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आया। कांकेर सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्ष 1967 में कांकेर सीट पर हुए पहले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनसंघ से त्रिलोकशाह सांसद चुने गए थे। 1971 के लोकसभा चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौरे ने त्रिलोकशाह के जीत रथ को रोक दिया।

इस वजह से त्रिलोकशाह कांकेर सीट पर अपनी यह जीत दोहरा नहीं पाए। जनसंघ की यह पहली और आखिरी जीत साबित हुई। कांकेर की यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई और कांग्रेस के उम्मीदवार अरविंद नेताम यहां से सांसद चुने गए।

हालांकि, आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में पूरे देश में चल रही कांग्रेस विरोधी लहर के बीच कांग्रेस को कांकेर सीट पर भी हार का मुंह देखना पड़ा। जनता पार्टी के अघन सिंह ठाकुर ने जीत हासिल की। लेकिन 1980 में दोबारा अरविंद नेताम सांसद चुनकर आए। 1980 में इंदिरा गांधी की सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा दिया गया इसके बाद वो 3 बार और सांसद बने।

इसके बाद 1998 में कांकेर की इस लोकसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा हुआ और सोहन पोटाई अगले 4 बार यानी 20 सालों के लिए सांसद रहे। फिर उनकी टिकट कटी तो पिछले लोकसभा में भी बीजेपी के विक्रम उसेंडी यहां से सांसद चुने गए।

एक नजर कांकेर विधानसभा सीटों पर
अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित कांकेर लोकसभा सीट में कांकेर के साथ भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, केशकाल, सिहावा, संजारी बालोद, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही विधानसभा सीट शामिल है। कांकेर की सभी विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस का कब्जा है। पिछली बार मोदी और अमित शाह विधानसभा में जितने भी जगह दौरे किए, वो सब सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। एक वजह यह भी है कि वर्तमान कांग्रेस के गढ़ में अब भाजपा लोकसभा के जरिए सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

कांकेर में कुल मतदाता: 15,54,995
पुरुष मतदाताओं की संख्या : 7,67,356
महिला मतदाताओं की संख्या : 7,87,608
मतदान केन्द्र की संख्या : 2022
कुल उम्मीदवार : 09
भाजपा उम्मीदवार : मोहन मंडावी
कांग्रेस उम्मीदवार : बीरेश ठाकुर

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