मोदी को चौकीदार कहलाने में गर्व, लेकिन छत्तीसगढ़ के 8 भाजपा सांसदों को परहेज

मोदी को चौकीदार कहलाने में गर्व, लेकिन छत्तीसगढ़ के 8 भाजपा सांसदों को परहेज

Ashish Gupta | Publish: Mar, 17 2019 03:51:58 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 04:02:22 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

एक ओर जहां प्रधानमंत्री मोदी खुद को चौकीदार कहलाने में गर्व महसूस कर रहे हैं, वहीं भाजपा सांसदों को चौकीदार कहलाने में दिलचस्पी नहीं है या चौकीदार शब्द से परहेज है।

रायपुर. सोशल मीडिया पर मैं भी चौकीदार प्रचार अभियान की शुरुआत करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही रविवार को अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदल कर चौकीदार नरेंद्र मोदी कर दिया। इसके बाद ट्विटर हैंडल का नाम बदलने भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं की बाढ़ सी आ गई।

दिलचस्प यह है कि मोदी के चौकीदार प्रचार अभियान में उनके भाजपा सांसद ही पिछड़ गए। एक ओर जहां प्रधानमंत्री मोदी खुद को चौकीदार कहलाने में गर्व महसूस कर रहे हैं, वहीं भाजपा सांसदों को चौकीदार कहलाने में दिलचस्पी नहीं है या चौकीदार शब्द से परहेज है।

 

chowkidar narendra modi

छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीट में से भाजपा के 10 सांसद है, लेकिन मोदी के चौकीदार प्रचार अभियान में उनके भाजपा सांसद ही पिछड़ गए। मोदी के चौकीदार प्रचार अभियान शुरू होने के बाद 24 घंटे बाद भी भाजपा सांसदों ने अपना ट्विटर हैंडल अभी तक नहीं बदला। आपको बतादें कि 10 सांसदों में से महज 2 सांसदों ने अपना ट्विटर हैंडल बदला। जबकि आठ सांसदों ने अपना ट्विटर हैंडल बदलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

आइए जानते हैं उन सांसदों ने नाम जिन्होंने प्रचार अभियान शुरू होते ही सक्रियता दिखाई और अपना ट्विटर हैंडल का नाम बदल दिया। उसमें सबसे पहला नाम केन्द्रीय इस्पात मंत्री और रायगढ़ सांसद विष्णु देव साय का है। उन्होंने भी अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदल कर चौकीदार विष्णु देव साय कर दिया। इसके बाद बस्तर के सांसद दिनेश कश्यप हैं, जिन्होंने ट्विटर हैंडल का नाम बदलने के बाद मैं भी चौकीदार अभियान का वीडियो भी ट्वीट किया।

chowkidar narendra modi

इतना ही नहीं भाजपा के केन्द्रीय नेताओं ने भी मोदी के चौकीदार प्रचार अभियान में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसमें भाजपा की महासचिव और राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय, पूर्व सांसद नंदकुमार साय भी शामिल हैं। इतना ही नहीं पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी उन नेताओं की कतार में खड़े हैं, जिन्हें चौकीदार कहलाने में परहेज है।

उधर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने भी बदला अपना ट्विटर हैंडल।

जिन्होंने अभी तक नहीं बदला ट्विटर हैंडल
- विक्रस उसेंडी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व कांकेर सांसद
- रमेश बैस रायपुर सांसद
- चंदू लाल साहू महासमुंद सांसद
- अभिषेक सिंह राजनांदगांव सांसद
- कमल भान सिंह सरगुजा सांसद
- लखन लाल साहू बिलासपुर सांसद
- डॉ. बंसी लाल महतो कोरबा सांसद
- कमला देवी पाटले जांजगीर-चांपा सांसद

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