यस बैंक में भगवान जगन्नाथ के भी जमा हैं 592 करोड़ रुपए, दिनभर बैंक और एटीएम में लगी रहीं कतारें

आरबीआई ने बढ़ाई पुजारी और भक्तों की चिंता

By: ashutosh kumar

Updated: 07 Mar 2020, 12:09 AM IST

रायपुर. यस बैंक में आम आदमी के साथ-साथ पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के भी पैसे फंस गए हैं। आरबीआई के नए आदेश के बाद भक्त और पुजारी दोनों चिंतिंत हैं। यस बैंक की एक शाखा में भगवान जगन्नाथ के नाम से खुले अकाउंट में 545 करोड़ रुपए जमा हैं। इस मामले पर ओडिशा के मंत्री प्रताप जेना ने कहा है कि जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए यस बैंक में जमा हैं। मार्च 2029 में फिक्स डिपॉजिट की अवधि पूरी होग जाएगा। इसका बाद मंदिर प्रबंधन पैसे निकालकर कसी राष्ट्रीय बैंक में जमा कराएगा। पैसे निकालने पर सिर्फ सेविंग अकाउंट पर प्रतिबंध है।
वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक के ग्राहकों के लिए रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर जमा राशि के निकालने की सीमा तय कर दी है। अगले 30 दिनों में ग्राहक सिर्फ 50 हजार रुपए की राशि ही निकाल सकते हैं, हालांकि मेडिकल और कुछ खास स्थितियों में इस सीमा से छूट दी गई है। यहां तक कि दिन के कारोबार के दौरान यस बैंक के शेयर 50 फीसदी तक गिर गए। जिसके बाद लोगों में हलचल का माहौल है। रायपुर समेत देशभर में यस बैंक और एटीएम के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई है। हालांकि, इस दौरान लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि एक व्यक्ति पूरे महीने में सिर्फ 50 हजार रुपए ही निकाल सकता है। हालांकि, बैंक की ओर से ग्राहकों को बताया जा रहा है कि ये हालात सिर्फ 3 अप्रैल तक ही रहेंगे, बाकी हालात सुधारने की कोशिशें जारी हैं। कहीं-कहीं तो एटीएम का सर्वर ही डाउन हो गया है और लोग अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। कुछ ब्रांचों में जो ग्राहक एटीएम से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं उन्हें टोकन दिया जा रहा है। ब्रांच की ओर से बताया जा रहा है कि सिर्फ चेक से लोग अपने 50 हजार रुपए निकाल सकते हैं।

यश बैंक पर गिरी गाज तो मुश्किल में फंसे फ्लिपकार्ट, फोनपे और स्विगी
स्विगी में भी यूपीआई भुगतान का सपोर्ट करने वाले बैंकों की लिस्ट में यश बैंक भी है, इसलिए स्विगी ने यूपीआई अकाउंट का उपयोग करके खाना ऑर्डर करने का विकल्प ऐप से हटा दिया है। इसी तरह फ्लिपकार्ट ने भी फोन-पे ऐप का उपयोग करके भुगतान करने के विकल्प को हटा दिया है। इसी तरह फ्लिपकार्ट ने भी फोनपे का उपयोग करके भुगतान करने के विकल्प को हटा दिया है। हालांकि, फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर निगम ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि यह मुद्दा यस बैंक के अपडेट के कारण है।

भारत में इसकी कितनी ब्रांच?
देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक यानी यस बैंक की मौजूदगी पूरे देश में है। इसका हेडक्वॉर्टर मुंबई में है। बैंक का नेटवर्क काफी बड़ा है। देशभर में इसके 1000 से ज्यादा ब्रांच हैं और 1800 एटीएम हैं। यस बैंक के महिला स्पेशल ब्रांच भी हैं, जो 'यस ग्रेस ब्रांच' के नाम से चलाए जाते हैं। इनमें महिलाओं के लिए खास प्रॉडक्ट ऑफर होते हैं। इनकी खास बात यह है कि इनमें पूरी तरह से महिलाओं का स्टाफ है। इसके अलावा, देश में 30 से ज्यादा 'यस एसएमई ब्रांच' भी हैं, जो एसएमई को स्पेशलाइज्ड सर्विसेज मुहैया करते हैं।

एक साल तक नहीं जाएगी किसी की नौकरी : सीतारमण
यस बैंक में जारी संकट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार ग्राहकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इस मामले में आरबीआई से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उन्होंने कहा कि आरबीआई से रिस्ट्रक्टर स्कीम के तहत नया बोर्ड बनाने के लिए कहा गया है। वित्त मंत्री ने यस बैंक के ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यस बैंक के किसी भी कर्मचारी की एक साल तक नौकरी नहीं जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था को किया तबाह : राहुल
यस बैंक पर आए संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के ट्वीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एडवाइस दी हैं। वहीं, राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि पीएम मोदी और उनके विचारों को भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है। इधर पी. चिदंबरम ने ट्वीट करके पूछा कि सरकार बताए यस बैंक पर कितना कर्ज है।

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निर्मला सीतारमण ने दिया भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यस बैंक के खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा नहीं डूबेगा। पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को निर्मला सीतारमण ने कहा कि यस बैंक के मुद्दे को रिजर्व बैंक और सरकार विस्तृत तौर पर देख रहे हैं, हमने वह रास्ता अपनाया है जो सबके हित में होगा।

'ग्राहकों का नहीं डूबेगा पैसा'
वहीं मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने भी यस बैंक के ग्राहकों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित है और बैंक के पुनर्गठन के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। रिजर्व बैंक के बृहस्पतिवार को यस बैंक पर रोक लगाने और निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग करने के एक दिन बाद सुब्रहमण्यम ने यह बात कही है।

आगे क्या करेगा आरबीआई ?
तमाम पाबंदियों के बीच अब आरबीआई यस बैंक के बहीखातों ऐसेट क्वॉलिटी को मूल्यांकन करेगा और इसके बाद तय करेगा कि आगे क्या किया जा सकता है। उम्मीद है कि 30 दिनों के भीतर यह तय कर लिया जाएगा कि देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक का मर्जर होगा या टेकओवर।

ashutosh kumar Desk
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