मां की लाश को घेरकर रोते रहे 5 मासूम बच्चे, पूछा - पापा आपने ऐसा क्यों किया...

पापा आपने ऐसा क्या किया कि हमें छोड़कर मां तो चली गई, लेकिन आपको भी पुलिस...

Deepak Sahu

September, 1301:32 PM

Raipur, Chhattisgarh, India

कवर्धा. पापा आपने ऐसा क्या किया कि हमें छोड़कर मां तो चली गई, लेकिन आपको भी पुलिस ने हमसे अलग कर दिया।हम अब पूरी तरह अनाथ हो चुके हैं न तो खाने के लिए राशन है और न ही रात में हमारे साथ कोई रहता है।यह दर्द उन बच्चों का है जिनके आगे पीछे कोई नहीं है। पांच भाई बहन ही एक दूसरे का सहारा है। चिल्फी थाना क्षेत्र के एक मामले में ऐसा ही हुआ।अशिक्षा व शराब के नशा ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।अब उनकी परवरिश करने वाला भी कोई नहीं है।

चिल्फी थाना क्षेत्र के निवासी गंगा राम बैगा बहुत अधिक शराब पीता था।शराबी होने के साथ वह एक शक्की मिजाज का आदमी भी था।शराब के नशे में अपनी पत्नी जानकी बाई की शक के कारण हत्या कर दी। हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी गंगाराम को जेल भेज दिया।दूसरी तरफ गंगा राम व जानकी बाई के पांच बच्चे, जो अब पूरी तरह अनाथ हो चुके हैं।परिवार में दादा-दादी तो है, लेकिन उनके भी पांच बच्चे हैं।ऐसे में उनकी हालत भी इन बच्चों कीो पालने की नहीं है, जिसके कारण ही गंगाराम के बच्चों को रखने से मना कर रहे हैं।

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कबीरधाम के बाल सरंक्षण अधिकारी सत्यनारायण राठौर ने बताया कि करीब तीन माह पहले पांच बच्चों के पिता ने नशे में अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद पिता को जेल भेज दिया गया। परिवार में कोई जिम्मेदार नहीं होने के कारण पांचों बच्चे अनाथ हो चुके हैं। दो अतिकुपोषित बच्चों का इलाज किया जा रहा है। तीन बच्चों को दत्तक गृह, एक को बाल व एक को बालिका गृह में रखा जाएगा।
दो बच्चे अतिगंभीर कुपोषित

अनाथ हुए बच्चों को अच्छे से पोषण आहार भी नहीं मिल सका। इसके कारण 3 वर्ष की बच्ची व एक वर्ष का लड़का अति गंभीर कुपोषित है। अधिक कुपोषित होने के कारण सबसे छोटा बच्चा अपने जीवन की जंग लड़ रहा है। सारे मामले की जानकारी मिलने पर चाइल्ड लाईन की टीम ने बाल सरंक्षण में काउंसलिंग करने के बाद इलाज के लिए दोनों अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी सेंटर में इलाज के लिए रखा।

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अनाथ हुए पांच बच्चे

पांच बच्चे कम उम्र के हैं, जिन्हे दूसरों की देखभाल की जरुरत है, लेकिन परिवार में कोई और नहीं होने के कारण देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। पांच बच्चों में तीन लड़की है जबकि दो लड़के हैं। सबसे बड़ी बालिका 11 वर्ष की है। इसके बाद ही बालिका 9 वर्ष, इसके बाद लड़का 7 वर्ष का है। इसके बाद ही बालिका 3 वर्ष की है और सबसे छोटा लड़का 1 साल का है।पांचों बच्चों को पोषण की जरुरत है।

भाई-बहन हो जाएंगे अलग

परिवार पर ऐसा कहर टूटा की परिवार में पांच बच्चे ही बचे। पिता जेल की हवा खा रहा है तो मां को भगवान ने ही अपने पास बुला लिया। इससे बच्चे बेसहारा हो चुके हैं। अब ये बच्चे अपने भाई बहन से भी अलग हो जाएंगे। बाल सरंक्षण विभाग ने 3 छोटे बच्चों को दत्तक ग्रहण में रहने की तैयारी कर ली है।

इसके बाद एक बच्चे को बाल गृह में तो एक बच्ची को बालिका गृह में भेजने की तैयारी कर ली गई है। इस प्रकार अब पांचों भाई बहन अलग हो जाएंगे। समाज में आज भी नशा व अशिक्षा के कारण इस प्रकार की घटना घट रही है। पालक नहीं होने के कारण अब भाई बहन ही एक दूसरे से अलग हो जाएंगे।

Deepak Sahu
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