वैवाहिक रस्मों को निभाते हुए बिना शहनाई और बराती के कराई शादी

चार घंटे की शादी सिर्फ 2 घंटे में हो रही

By: ashok trivedi

Published: 11 Jun 2020, 05:22 PM IST

खरोरा. लॉकडाउन में शादी करने प्रशासनिक अफसरों से परमिशन लेने की बाध्यता है। उस पर भी लोगों की संख्या सीमित रहती है। अनलॉक एक में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, वहीं एक बार फिर से शादी ब्याह का मौसम लौट आया है। बिना तामझाम के शादी कर रहे हैं। इसे शादियों में कम खर्च आ रहा है। बारात स्वागत के लिए कोई गाजा-बाजा, नाचा-गम्मत बिल्कुल नहीं हो रहा है, बावजूद इसके वैवाहिक रस्मों को निभाया जा रहा है।
चार घंटे की शादी सिफ्र 2 घंटे में हो रही है। लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं पिछले 3 महीने से इसी तरह की शादियां हुई। जून में कई मुहूर्त है। उनमें से 9 जून के मुहूर्त में काफी अधिक शादियां हुई। लॉकडाउन के नियमों का पालन कर दूल्हे मास्क पहने हुए थे। गौरतलब है कि 24 मार्च को एकाएक लॉकडाउन होने से तय हो चुकी शादियां रुक गई थी और परिजनों को बड़ी मशक्कत के बाद विवाह मुहूर्त होने से मंगलवार को सशर्त अनुमति मिली थी।
ग्राम छडिय़ा निवासी अंगद वर्मा ने अपनी पुत्री पायल वर्मा का बलौदा बाजार निवासी आशाराम वर्मा के पुत्र रूपेश वर्मा का रिश्ता काफी पहले तय करके रखा था। जिनका अप्रैल में विवाह हो जाना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते अटक गया। शासन से मिली अनुमति के बाद दोनों पक्षों में 10 से 15 लोग शामिल हुए शादियां हो गई। सभी बाराती भी मास्क में नजर आए। मंगलवार को शुभ मुहूर्त में अंचल में अनेक जोड़े विवाह बंधन में बंधे, लेकिन कोरोना नियमों के तहत शादी सादे तरीके से हुई। दूल्हा-दुल्हन के 15 से 20 नजदीकी रिश्तेदारों ने विवाह की रस्म अदायगी की।

ashok trivedi Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned