सभी 28 जिलों में पहुंचा कोरोना वायरस, सर्वाधिक 306 मरीज कोरबा और उसके बाद 245 रायपुर से

18 मार्च को रायपुर में मिला था प्रदेश का पहला मरीज, 25 जून को बीजापुर में मिला पहला मरीज

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 26 Jun 2020, 01:43 AM IST

रायपुर . प्रदेश में गुरुवार को कोरोना वायरस ने पूरे प्रदेश में अपने पैर पसार लिए। बस्तर संभाग का एकमात्र जिला बीजापुर कोरोना से अब तक बचा हुआ था, मगर गुरुवार को यहां सीआरपीएफ के अधिकारी में संक्रमण की पुष्टि हुई और इस जिले के खाते में भी एक मरीज दर्ज हो गया। फिर भी अपेक्षाकृत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के सरगुजा और बस्तर संभाग में मरीजों की संख्या कम है। बहरहाल प्रदेश के 28 जिलों में सर्वाधिक 306 मरीज कोरबा जिले से हैं, जबकि दूसरे नंबर पर राजधानी रायपुर है जहां अब तक 245 मरीज मिल चुके हैं। बीते 10-12 दिनों में ही यह आंकड़ा बढ़ा है।
छत्तीसगढ़ में अब तक सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि भले ही मरीजों की संख्या 2456 जा पहुंची हो, मगर अब तक कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है। मगर, चिंता इस बात की सबसे ज्यादा बनी हुई है कि अब शहरी लोग संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे कई मरीज हैं जिन्हें संक्रमण कहां से मिला इसकी हिस्ट्री नहीं मिल रही है। अगर, कुल संक्रमित मरीजों में 30 प्रतिशत मरीजों के संक्रमण की हिस्ट्री नहीं मिलती है तब उसे कम्युनिटी स्प्रेड माना जाएगा।
प्रदेश में कब और कहां से आया कोरोना

पहला मरीज विदेश से लौटा

प्रदेश में 18 मार्च को लंदन से लौटी समता कॉलोनी निवासी २३ वर्षीय छात्रा प्रदेश की पहली कोरोना मरीज थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में विदेश से आने वाले मरीजों को एयरपोर्ट पर स्क्रैन किया जाने लगे। सिर्फ विदेशियों से लौटाने वालों को ढूंढ़ा जाने लगा।

दिल्ली से आया तबलीगी जमाती

इसके बाद तबलीगी जमातियों ने पूरे देशभर में दहशत पैदा कर दी, जो दिल्ली के मरकज से निकलकर देशभर में फैल गए थे। इनमें से महाराष्ट्र के तबलीगियों का एक जत्था कोरबा के कटघोरा पहुंचा था, जहां एक ने २८ को संक्रमित किया था। प्रदेश में यह सबसे पहला बड़े पैमाने पर वायरस स्प्रेड था।

मजदूरों की वापसी

14 मई के बाद प्रदेश में मजदूरों की वापसी शुरू हुई। करीब 2.50 लाख मजदूर प्रदेश में लौटे। 14 मई के बाद से अब तक मजदूर ही सबसे ज्यादा संक्रमित मिले। यही वजह थी कि बिलासपुर, जांजगीर चांपा, बलौदाबाजार, कोरबा, मुंगेली, जशपुर और बलरामपुर में मरीजों की संख्या देखते ही देखते बढ़ती चली गई।

अब फिर विदेश से वापसी शुरू

प्रदेश में एक बार फिर विदेश में पढऩे वाले छात्रों की वापसी शुरू हो चुकी है। जिनमें रूस और किर्गिस्तान में फंसे छात्रों की वापसी करवाई जा रही है। ये अपने देश-प्रदेश के छात्र हैं, वहां हालात अच्छे नहीं है इसलिए वे लौटाना चाहते हैं। इनकी वापसी के लिए भारत सरकार वंदे भारत प्रोजेक्ट चला रही है। मगर, इनसे भी संक्रमण का खतरा तो है ही।

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Nikesh Kumar Dewangan Desk
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