रायपुर नगर निगम: महापौर की MIC में सिर्फ चार नए नवेले पार्षद को मौका, बाकी सब सीनियर पार्षद शामिल

- पूर्व एमआईसी सदस्यों के विभाग भी बदले ।
- तीनों विधायकों की पसंद को भी रखा गया है ख्याल ।
- छुट गए सीनियर पार्षदों को जोन अध्यक्ष बनाए जाएंगे।

रायपुर . महापौर एजाज ढेबर ने अपनी एमआईसी का गठन (मेयर इन काउंसिल) कर दिया है । एमआईसी में सभी 14 विभागों के लिए सदस्य बनाए गए हैं। महापौर ने एमआईसी में चार नए नवेले पार्षदों को मौका दिया गया है, जबकि बाकी 10 एमआईसी सदस्य सीनियर पार्षद रह चुके हैं। 10 सीनियर पार्षदों में से पांच सदस्य पूर्व एमआईसी सदस्य है, जबकि बाकी पांच पूर्व पार्षद रह चुके हैं। वहीं, चार नए पार्षदों को भी एमआईसी में मौका दिया है, जिसमें एक निर्दलीय शामिल हैं। इसके अलावा विधायकों की पसंद का भी ख्याल रखा गया है। पिछली बार की तरह इस बार भी एमआईसी दो महिला पार्षदों को मौका दिया गया है।

खेलकूद और युवा कल्याण विभाग एमआईसी फिर से
पिछली परिषद के समय शासन ने निगम के सभी स्कूलों के संचालन का जिम्मा अपने पास ले लिया था। इस कारण से तत्कालीन महापौर प्रमोद दुबे ने खेलकूद और युवा कल्याण विभाग के एमआईसी सदस्य गोवर्धन शर्मा को हटकार एमआईसी से इस विभाग का पद ही हटा दिया था। इसके बाद तत्कालीन एमआईसी सदस्य गोर्वर्धन शर्मा इस मामले में कोर्ट में याचिका लगाई थी। इसके बाद कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद इस बार महापौर एजाज ढेबर ने इसे अपनी एमआईसी में फिर से स्थान दिया है।

जोन अध्यक्षों की नियुक्ति भी इसी सप्ताह
एमआईसी की घोषणा के बाद महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि आठों जोनों में अध्यक्षों की नियुक्ति भी इसी सप्ताह कर दी जाएगी। इसमें जो सीनियर पार्षद रह गए हैं, उन्हें अध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक-दो जोनों में नए पार्षदों को बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग से निगम के स्कूलों को वापस लेकर रख-रखाव के साथ प्रशासनिक व्यवस्था भी निगम के पास रहेगी।

छह माह बाद होगी सभी सदस्यों के कार्यों की समीक्षा
महापौर ढेबर ने कहा कि एमआईसी सदस्यों के कामकाज की समीक्षा छह माह बाद की जाएगी। जिस भी एमआईसी सदस्य का कामकाज ठीक नहीं रहेगा, उसे एमआईस से बाहर भी कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी एमआईसी में सभी सीनियर यानी पूर्व एमआईसी सदस्यों को नए विभाग का जिम्मा देकर और बेहतर कार्य करने का मौका दिया है, क्योंकि पूर्व के परिषद में जो विभाग मिले थे, उसमें भी बेहतर कार्य किए है। इसलिए नए विभाग में नए सिरे से बेहतर कार्य करने का मौका दिया गया है। इसके अलावा कुछ नए पार्षदों को भी एमआईसी में मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि एमआईसी का गठन बहुत ही सुंतुलित ढंग से किया गया है।

धीरे-धीरे लाई जाएगी कसावट
निगम के कार्यों में प्रशासन कसवाट लाने के बारे में उन्होंने कहा कि सबसे पहले सफाई व्यवस्था पर कसवाट लाई जाएगी। सफाई व्यवस्था में धीरे-धीरे मैदानी स्तर पर कसावट लाने की दिशा में कामकाज शुरू कर दिया है। इसके अलावा अन्य कार्यों में भी कसावट लाने के लिए समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। जनहित के कार्यों में किसी प्रकार की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किसे किस विभाग का बनाया एमआईसी मेंबर

- ज्ञानेश शर्मा- लोकर्म विभाग।
- रितेश त्रिपाठी- सामान्य प्रशासन एवं विधायी कार्य विभाग ।

-श्रीकुमार मेनन- नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग।
- अंजनी राधेश्याम विभार- राजस्व विभाग।

- सतनाम पनाग- जलकार्य विभाग।
- नागभूषण राव यादव- खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग।

- अजीत कुकरेजा- अग्निशमन, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग ।
- समीर अख्तर- वित्त, लेख एवं अंकेक्षण विभाग।

- सहदेव व्यवहार- गरीबी उपशमन एवं सामाजिक कल्याण विभाग।
- द्रौपती हेमंत पटेल- महिला एवं बाल विकास विभाग।

- सुंदर जोगी- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित-जनजाति विभाग।
- जितेंद्र अग्रवाल (निर्दलीय पार्षद) - खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग।

- सुरेश चन्नावर- पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग।
- आकाश तिवारी- संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग।

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Bhupesh Tripathi
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