कोरोना से मरने वालों में भी महिलाओं से पुरुष तीन गुना अधिक

इम्युनिटी का खेल : संक्रमितों में 70 प्रतिशत पुरुष और 30 प्रतिशत महिलाएं

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 23 Aug 2020, 07:01 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस पूरी तरह से हावी हो चुका है। कोरोना का सबसे ज्यादा असर अगस्त में दिखाई दे रहा है, अब तक 10000 से अधिक संक्रमितों की पहचान हो चुकी है, तो वहीं 128 जानें जा चुकी हैं। इन मौतों में चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जो यह बताते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) काफी अधिक होती है। यानी महिलाओं के अंदर रोगों से लडऩे की क्षमता ज्यादा पाई जाती है। मरने वाले 128 लोगों में 96 पुरुष थे। 30 महिलाएं थीं।

'पत्रिकाÓ ने इन आंकड़ों पर विशेषज्ञों के साथ एनालिसिस किया। विशेषज्ञों ने इस बात की तस्दीक की है कि महिलाओं पर कोरोना का प्रभाव कम दिख रहा है। इसके पीछे एक नहीं कई ठोस वजहें हैं। 18 मार्च से छत्तीसगढ़ में कोरोना की दस्तक के बाद से अब तक 20000 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें 70 प्रतिशत पुरुष और 30 प्रतिशत महिलाएं हैं। भारत समेत विश्व का ट्रेंड भी यही बना हुआ है। मौतों के आंकड़ों का भी यही ट्रेंड है। रायपुर के ५ सबसे बड़ा कोरोना हॉट स्पॉट मंगल बाजार, रामकुंड, सदाणी दरबार, अर्जुन नगर और कुकुरबेडा़ में सर्वाधिक पुरुष ही संक्रमित पाए गए। आईटीबीपी, सीआरपीएफ, पुलिस बल में पुरुष स्टाफ सर्वाधिक संक्रमित पाए गए।

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें: डॉक्टरों के मुताबिक इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नशीले पदार्थों का सेवन बंद करना होगा। आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाव गए काढ़े का सेवन करना होगा। यह काढ़ा सभी शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में भी उपलब्ध है। इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार काढ़ा घर पर तैयार कर सकते हैं।

पुरुष के संक्रमित होने और फिर गंभीर स्थिति में पहुंचने की वजहें

पहला- डॉक्टरों, विशेषज्ञों का मानना है कि शुगर, हार्ट अटैक, हाइपरटेंशन और सांस की सम्स्या जैसे बीमारियां पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है। इसकी एक बड़ी वजह है, उनके द्वारा लिया जाने वाला तनाव। तनाव नौकरी, कारोबार, रोजगार या अन्य दूसरे भी हो सकते हैं। वहीं महिलाएं में इन बीमारियों का प्रतिशत ३० के करीब होता है, वहीं १०-१५ प्रतिशत जेनेटिक होता है।

दूसरा- भारत के परिपेक्ष में पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा नशा करते हैं। शराब, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। जिनकी वजह से उनका लिवर और लंग्स दोनों ज्यादा प्रभावित होते हैं।

तीसरा- डॉक्टर यह भी मानते हैं कि महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा घर से बाहर आना-जाना करते हैं। ज्यादा लोगों से मिलते हैं। इस दौरान वायरस से बचाव के लिए जारी निर्देश का पालन नहीं करते। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में अधिक लापरवाह भी होते हैं।

इन्होंने तोड़ा दम

रायपुर- अयोध्या नगर चंगोराभाठा 35 वर्षीय पुरुष, तेलीबांधा निवासी 40 वर्षीय पुरुष, लौधीपारा निवासी 43 वर्षीय पुरुष, शंकर नगर निवासी 64 वर्षीय महिला। बेमेतरा- ठेंगाभाठा, नवागढ़ 27 वर्षीय गर्भवती महिला। अंबिकापुर- दर्रीपारा निवासी 54 वर्षीय पुरुष। दुर्ग- मुस्लिम पारा निवासी 17 वर्षीय युवक, कैंप 2 भिलाई निवासी 35 वर्षीय पुरुष, कुंदरापारा निवासी 50 वर्षीय महिला। कांकेर- 45 वर्षीय पुरुष डॉक्टर की मौत हो गई।

कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम, राज्य कोरोना एंड कमांड सेंटर के सदस्य डॉ. कमलेश जैन ने बताया कि डब्ल्यूएचओ भी इस बात प्रमाणित करता है कि जो व्यक्ति पदाथों का सेवन करते हैं। धूम्रपान करते हैं। उनके कोरोना से संक्रमित होने की प्रबल संभावना होती है। राज्य में कितने संक्रमित व्यक्ति मादक पदाथों का सेवन करते थे,क्या मरने वाले भी सेवन करते थे। अध्ययन करवाया की आवश्यकता है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष, डॉ. आरके पंडा ने बताया कि पूरी दुनिया में देखने में आया है कि पुरुष ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। क्योंकि लगभग हर बड़ी बीमारी में पुरुषों के बीमार होने का प्रतिशत महिलाओं से काफी अधिक है। कोरोना में भी यही ट्रेंड है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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