खुद के टैंकर हो रहे कबाड़, फिर भी दुग्ध महासंघ दौड़ा रहा किराए के टैंकर

- महासंघ के पास खुद के 12 टैंकर होने के बावजूद प्रबंधन ने उन्हें खड़ाकर किराए के टैंकर चला रहा है।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 05 Sep 2020, 08:10 PM IST

रायपुर. दुग्ध महासंघ के संचालक मंडल भंग करने के बाद भी यहां पूर्व में किए गए फैसले से हर माह महासंघ को लाखों की चपत लग रही है। अब दुग्ध कलेक्शन व निर्यात के लिए लगाए गए टैंकर में महासंघ की बड़ी मनमानी सामने आई है। महासंघ के पास खुद के 12 टैंकर होने के बावजूद प्रबंधन ने उन्हें खड़ाकर किराए के टैंकर चला रहा है। टैंकर किराए से देने वाली फर्म से ऐसा एग्रीमेंट किया है कि 6000 किलोमीटर टैंकर चलवाना पड़ेगा। कलेक्शन या अन्य चिलिंग सेंटर से डेरी में दो टैंकर चलाया गया है और नौ लाख का भुगतान गत वर्ष साल किया गया। यह पहला मामला नहीं है, जब महासंघ का घोटाला सामने आया है। इससे पहले दूध पाउडर की ट्रांसपोर्टिंग में भी घोटाला सामने आ चुका है, जिसमें महासंघ प्रबंधन द्वारा एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को मनमाना भुगतान किया गया था।

20 हजार लीटर का नया टैंकर आज तक नहीं चला
10 हजार लीटर का टेंकर 26 किलोमीटर प्लस टोल टैक्स और 6 हजार किलोमीटर चलाना अनिवार्य शर्त पर महाराष्ट्र की एक फर्म से निविदा की गई है। यदि इससे कम चलतें है, तो छह हजार का भुगतान करना ही होगा। यदि छह हजार से ज्यादा चलाएंगे, तो उसका अतिरिक्त भुगतान करना होगा। महासंघ में ऐसा तीन साल से चल रहा है। इसी तरह 20 हजार लीटर, जिसका 38 प्रति किलोमीटर रेट है और टोल टैक्सअलग से देना है। 20 हजार लीटर की क्षमता टैंकर बीते छह माह चलने के बाद वापस कंपनी को भेज दिया गया है और खुद का २० हजार लीटर का नया टैंकर खरीद कर खड़ा कर रखा गया है, जो आज तक नहीं चला।

दूध में भारी गड़बड़ी
दूध संघ से लाखों लीटर दूध गड़बड़ी के खुलासा संघ के जिम्मेदारों की जांच में हुआ था। पत्रिका को मिली जांच रिपोर्ट में इसका साफ उल्लेख है। संघ के पदाधिकारियों ने 15 जुलाई 2019 को एमआईएस रिपोर्ट की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि 42044 किलो ग्राम पावडर, 38148 किलो ग्राम सितंबर में, 24958 किलो ग्राम अक्टूबर में एवं 22857 किलो ग्राम नवंबर में दूध पावडर घोला गया। चौंकाने वाली बात यह है कि घोले गए पावडर से अतिरिक्त दूध निर्माण का कोई रेकार्ड नहीं है।

निजी टैंकर के संचालन और महासंघ के टैंकर को खड़ा रखने के संबंध में जानकारी नहीं है। एमडी से इस संबंध में चर्चा की जाएगी।
टीसी महावर, प्रभारी अध्यक्ष, दुग्ध महासंघ

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