मनरेगा में 26.10 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार, प्रदेश की 10 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में चल रहे 44 हजार से अधिक काम

वर्तमान में मनरेगा के कार्यों में 26 लाख से अधिक जरूरतमंद मजदूरों को काम मिला है। छत्तीसगढ़ की 11 हजार 668 ग्राम पंचायतों में से 10 हजार 203 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 44 हजार 833 कार्य चल रहे हैं।

By: Karunakant Chaubey

Published: 24 May 2020, 05:12 PM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरुप कोरोना संक्रमण के दौरान ग्रामीणों को गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर मनरेगा के काम शुरू किया गए हैं। वर्तमान में मनरेगा के कार्यों में 26 लाख से अधिक जरूरतमंद मजदूरों को काम मिला है। छत्तीसगढ़ की 11 हजार 668 ग्राम पंचायतों में से 10 हजार 203 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 44 हजार 833 कार्य चल रहे हैं।

मनरेगा के तहत प्रदेश के 12 जिलों रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कवर्धा, बीजापुर, महासमुन्द, दुर्ग, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही, राजनांदगांव, मुंगेली और बालोद जिले में 80 प्रतिशत से अधिक जॉब कार्डधारी मजदूर कार्यरत है। राज्य के 12 जिलों बलौदाबाजार, गरियाबंद, बलरामपुर, बेमेतरा, धमतरी, जशपुर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, कोरिया, सूरजपुर और कांकेर में कार्यरत मजदूरों का प्रतिशत 79 से 60 प्रतिशत के बीच है।

इसी प्रकार चार जिलों रायगढ़, कोरबा, कोण्डागांव और बस्तर जिले में कार्यरत जॉब कार्डधारी मजदूरों का प्रतिशत 51 से 59 प्रतिशत के बीच है। मनरेगा के माध्यम से लॉकडाउन के दौर में गांव में ही काम मिलने से श्रमिक राहत महसूस कर रहे हैं। श्रमिकों को समयबद्ध मजदूरी भुगतान ने परिवार के भरण-पोषण की चिंता दूर करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दी है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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