दिल्ली के सस्ता इलाज जैसा मॉडल प्रदेश के 14 निगमों में होगा लागू

श्रमिकों और जनता का होगा मुफ्त इलाज, समिति के सह अध्यक्ष कलेक्टर और सह सचिव नगर निगम के आयुक्तों को बनाया गया है।

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 28 May 2020, 07:09 PM IST

रायपुर. श्रमिकों और आम जनता को इलाज की व्यवस्था कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दिल्ली के मॉडल जैसा सिस्टम लाने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के 14 नगर निगमों में नौ अरबन पाब्लिक सर्विस सोसायटी (यूपीटीएस) का गठन किया गया है। समिति के सह अध्यक्ष कलेक्टर और सह सचिव नगर निगम के आयुक्तों को बनाया गया है। यह समिति जल्द ही टेण्डर निकालकर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी का चयन करेगी। इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से होगा। इसके लिए फंड की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने २ अक्टूबर को मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसके क्रियान्वयन का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। योजना के तहत इलाज भी शुरू हुआ, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था, सुविधा और निगरानी के अभाव में अब यह काम शहरी सरकारों यानी नगर निगम को दे दिया गया है। हालांकि अभी भी नगरीय निकाय स्वास्थ्य विभाग की मदद लेगा।

ये है 14 निगम

रायपुर, बिरगांव, भिलाई-चरोदा, भिलाई, रिसाली, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, धमतरी, रायगढ़, जगदलपुर, चिरमिरी, अंबिकापुर।

सूडा होगा नोडल एजेंसी

राज्य स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के लिए शहरी विकास अभिकरण (सूडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। प्रचार-प्रसार इसी के माध्मय से किया जाएगा, लेकिन इसकी मॉनीटरिंग का जिम्मा थर्ड पार्टी को दिया जाएगा।

यह है योजना का उद्देश्य

नगर निगमों की सीमा में कई श्रमिक बस्तियां रहती है। यहां के लोग इलाज के लिए ज्यादा जागरुक नहीं होते हैं। इस वजह से इन क्षेत्रों में मौसमी बीमारी फैलने की आशंका हमेशा बने रहती है। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए लंबी लाइन होती है। मजदूर वहां जाते हैं, तो उस दिन काम पर नहीं जा पाते। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस योजना को शुरू किया जा रहा है।

एेसे होगा इलाज

मोबाइल मेडिकल टीम मोहल्लों के सांस्कृतिक भवन, वार्ड कार्यालय या निकाय के अन्य भवन में सुबह-शाम पहुंचेगी। यहां मरीजों के लिए पानी व अन्य व्यवस्था नगर निगम प्रशासन करेगा। चिकित्सक बारी-बारी रोगियों को देखने के बाद आवश्यक दवा भी देंगे। मोबाइल यूनिट में पैथालॉजी की सुविधा भी रहेगी। यह सुविधा नि:शुल्क रहेगी। दवा की व्यवस्था आगामी तीन महीने की स्थिति को देखते हुए सोसायटी के माध्यम से की जाएगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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