छत्तीसगढ़ सहित देशभर के नक्सल बेल्ट में सड़कों का जाल बिछाने में जुटी मोदी सरकार

* 9,338 किमी रोड के निर्माण को सरकार ने मंजूरी दी।

* अब तक 1877 किमी का निर्माण पूरा कर लिया गया।

By: bhemendra yadav

Updated: 02 Aug 2020, 06:56 PM IST

रायपुर/नई दिल्ली| छत्तीसगढ़ सहित देशभर में नक्सल हिंसा से प्रभावित जिलों में मोदी सरकार सड़कों का जाल बिछाने में जुटी है ताकि सड़कों के जरिए दुर्गम इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। नक्सल खतरों के बीच बेहद सावधानियों के साथ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है।

योजना की समग्र उपबल्धियों की बात करें तो अब तक नक्सल बेल्ट में 1877 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा नक्सल से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में शुमार है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के समग्र आंकड़े बताते हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क परियोजना के तहत कुल 9,338 किमी रोड के निर्माण को सरकार ने मंजूरी दी। जिसमें से अब तक 1877 किमी का निर्माण पूरा कर लिया गया। इस दौरान बसावटों और ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने में सफलता हासिल हुई।

मोदी सरकार के दूसरे वर्ष के एक साल के कार्यकाल के बीच प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण की भी शुरूआत हुई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "नक्सल प्रभावित इलाकों में तभी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा, जब वहां सड़कें होंगी, ऐसे में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना नक्सल बेल्ट में सड़कों का जाल बिछाने में मददगार साबित हुई है।"

जून 2019 से मई 2020 के दौरान इस सड़क योजना की बात करें तो इस दौरान कुल 26,982 किमी सड़कों का निर्माण हुआ। जिससे कुल 4,170 बसावटों को कनेक्टिविटी प्रदान की गई। इन सड़कों के निर्माण पर 20,741 करोड़ रुपये खर्च हुए। एक वर्ष के भीतर हरित प्रौद्यौगिकी से कुल 8114 किमी सड़कें तैयार हुईं। खास बात है कि इसी एक वर्ष में पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण के तहत कुल 13,878 किमी सड़का का निर्माण भी मंजूर किया गया।

नक्सल प्रभाव की बात करें तो वर्ष 2015 तक देश में कुल 106 जिले हिंसा की चपेट में थे। मगर वर्ष 2017 में इनकी संख्या घटकर 90 रह गई। देश में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित कुल 11 नक्सल प्रभावित राज्य हैं। छत्तीसगढ़ का नक्सली रेड कॉरीडोर दूसरे राज्यों से जुड़ा है।

अटल बिहारी वाजपेसी सरकार में वर्ष 2000 में शुरू हुई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का मकसद, बसावटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का है। आदिवासी इलाकों में भी इस योजना के तहत सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। नक्सल बेल्ट में सड़कों के निर्माण के दौरान कई बार नक्सलियों के हमले का खतरा भी उठाना पड़ता है। नवंबर 2019 में कोंडागांव जिले के मढोनार में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण में लगे चार ट्रैक्टर, एक जेसीबी और बाइक को नक्सलियों ने फूंक दिया था। नक्सलियों का मानना है कि जल, जंगल और संसाधन के संरक्षण की राह में सड़कें रोड़ा हैं।

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