पहली बार रायपुर से ज्यादा दुर्ग में एक्टिव मरीज, इन दोनों जिलों में कोरोना संक्रमण का खतरा सर्वाधिक

अलर्ट: पड़ोसी राज्यों में खतरा बढ़ गया है...

35 किमी की दूरी पर बसे हैं दोनों जिले, सबसे ज्यादा आवाजाही भी इन्हीं के बीच

 

By: AJAY SINGH

Published: 24 Feb 2021, 02:08 AM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 3 हजार के नीचे आ गई हो, मगर आंकड़े इस बात को प्रमाणित कर रहे हैं कि अभी भी रोजाना औसतन 250 से अधिक मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं। जो देश के कई बड़े राज्यों में मिलने वाले मरीजों की संख्या से कहीं अधिक है। पड़ताल में सामने आया कि रायपुर और दुर्ग, ऐसे दो जिले हैं जहां पूरे कोरोना काल में रोजाना सर्वाधिक मरीज रिपोर्ट हुए। अभी भी लगातार 60 से लेकर 150 तक मरीज मिल रहे हैं। इन जिलों में ही सबसे ज्यादा जानें गईं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 22 फरवरी को दुर्ग में एक्टिव मरीजों की संख्या रायपुर से अधिक हो गई। इन दोनों जिलों के बीच की दूरी 35 किमी है। इन जिलों के बीच प्रशासनिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक और राजनीतिक आवाजाही सर्वाधिक है। इसकी वजह इन दोनों जिलों के बीच बेरोक-टोक आवाजाही। इन जिलों में दूसरे राज्यों से भी सर्वाधिक लोग पहुंचते हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अब स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन के लिए जरूरी हो गया है कि इन जिलों के चेक पॉइंट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग और रेंडम सैंपलिंग करना। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मौजूदा खतरे को भांपते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उधर, केंद्र सरकार मरीजों की संख्या बढ़ी है, यही वजह है कि केंद्र ने महाराष्ट्र, केरल, पंजाब और मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में अलर्ट जारी किया है। इसलिए सतर्कता जरूरी है।

100 से ज्यादा एक्टिव मरीज वाले जिले

दुर्ग 909, रायपुर 843, रायगढ़ 154, बिलासपुर 109, कोरबा 102

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आखिर क्यों हो रही है कोरोना की वापसी?- प्रदेश में 2021 की शुरुआत होते ही सबकुछ ओपन कर दिया गया। जानकार मानते हैं कि चलिए अर्थव्यवस्था, शिक्षा, व्यवसाय को पटरी पर लाने के लिए यह कड़ा फैसला लेना जरूरी था।

मगर, हमारी जिम्मेदारी क्या है...

मास्क लगाएं- मास्क पर ढिलाई दी,कार्रवाईयां बंद कर दी गईं तो लोगों ने इसे लगाना ही बंद कर दिया गया। जबकि मास्क को पहली वैक्सीन है।
सोशल डिस्टेसिंग भूले गए- कोरोना के खतरे को देखते हुए हम 2 गज की दूरी मैंटेन कर रहे थे। जरूरी सामान खरीदने के लिए ही बाजार में निकल रहे थे। भीड़ में जाने से डर रहे थे। मगर, अब बाजार में इस नियम का कोई पालन नहीं कर रहा।
खुद से पूछिए हाथ धो रहे हैं क्या?- वायरस हाथों से शरीर में पहुंचता है। मगर,आज आप खुद से सवाल करें कि क्या हाथ साबुन से धो रहे हैं।

अब फिर इन पर फोकस के निर्देश-
सैंपलिंग- प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं। लक्षण वाले सभी मरीजों के सैंपलिंग करने कहा गया है। अपील जारी की गई है कि लक्षण होने पर जांच अवश्य करवाएं।


टेस्टिंग- प्रदेश में 2 महीने पहले तक 34 हजार जांच रोजाना हो रही थीं, मगर अब यह संख्या 22 हजार पर सिमट गई है। सैंपलिंग बढऩे से टेस्टिंग बढ़ेगी। प्रदेश में रोजाना 40 हजार सैंपल जांच की क्षमता है।

ट्रेसिंग- एक संक्रमित मरीज अभी भी कई लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसलिए खतरा बरकरार है। राजनांदगांव, सूरजपुर, कोंडागांव के स्कूलों में शिक्षक-छात्रों का संक्रमित होना बता रहा है कि वायरस फिर तेजी से फैल रहा है।

  • 21-22 हजार संदिग्धों की रोजाना जांच हो रही है। जिलों को सैंपलिंग, टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खतरा बरकरार है।
    डॉ. सुभाष पांडेय, प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग
AJAY SINGH
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