पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण का शतक, फ्रंटलाइन वर्कर को फिर भी मुश्किल से मिलता है अस्पताल में बेड

Coronavirus Cases in Raipur: राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण का शिकार सबसे ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर हो रहे हैं। इनमें हेल्थ वर्कर के अलावा पुलिस वाले भी शामिल हैं। राजधानी के 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

By: Ashish Gupta

Published: 16 Apr 2021, 04:25 PM IST

रायपुर. राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण का शिकार सबसे ज्यादा Frontline Workers हो रहे हैं। इनमें हेल्थ वर्कर के अलावा पुलिस वाले भी शामिल हैं। राजधानी के 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें टीआई व गजटेड ऑफिसर भी शामिल हैं। कोरोना के चलते चार पुलिस वालों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को भी एक हवलदार और उनकी पत्नी का निधन हो गया।

इन फ्रंटलाइन वर्कर के प्रति शासन-प्रशासन का दोहरा रवैया सामने आया है। संक्रमित होने के बाद इन फ्रंटलाइन वर्करों को भी अस्पतालों में आसानी से बेड नहीं मिल पा रहा है। काफी मशक्कत करने के बाद अस्पताल में बेड मिलता है, तब तक उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी है। महिला आरक्षक और दो हवलदारों की मौत इसी के चलते हुई है। यही हाल अन्य पुलिसकर्मियों और हेल्थ वर्करों के साथ भी हो रहा है। इससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

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किसी अस्पताल में नहीं रहता बेड आरक्षित
कोरोना संक्रमण से बने हालात में हेल्थ वर्कर के बाद पुलिसकर्मियों का अहम रोल है। दोनों ही फ्रंटलाइन वर्कर हैं, इसके बाद भी किसी भी सरकारी या निजी अस्पतालों में इनके लिए बेड आरक्षित नहीं किया गया है। हर अस्पताल में 2 से 3 फीसदी बिस्तरों को इन फ्रंटलाइन वर्करों के लिए आरक्षित करने की जरूरत है। कई पुलिस वाले और हेल्थ वर्कर इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।

लगातार हो रहे हैं संक्रमित
पुलिस वालों का अधिकांश काम आमलोगों के बीच में जाकर होता है। लगातर लोगों से मिलने, भीड़भाड़ वाले स्थान में ड्यूटी लगने, लगातार चेकिंग, अस्पताल की ड्यूटी आदि के चलते पुलिस वाले लगातार संक्रमित हो रहे हैं। Lockdown से पहले करीब 30 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए थे। इसके बाद पिछले एक सप्ताह में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। और गुरुवार तक 100 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी वैक्सीन का दोनों डोज लगवा चुके हैं।

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पति-पत्नी की हुई मौत
खम्हारडीह थाने में पदस्थ हवलदार 52 वर्षीय गणेश कंवर की गुरुवार को एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी पत्नी ने भी इंडोर स्टेडियम के कोविड सेंटर में दम तोड़ दिया। दोनों कोरोना संक्रमित थे। गणेश 7 अप्रैल को कोरोना पॉजीटिव आए थे। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ, तो एम्स में भर्ती कराने पहुंचे। लेकिन बड़ी मुश्किल से तीन दिन पहले ही उन्हें वहां बेड मिला था। उन्होंने कोरोना से बचने वैक्सीन को दोनों डोज लगवाया था।

करनी पड़ती है मशक्कत
शहर में कोरोना के उपचार के लिए अस्पताल में बिस्तर मिलना भी मुश्किल है। काफी मशक्कत के बाद बेड मिल पा रही है। हवलदार गणेश से पहले ट्रैफिक पुलिस के हवलदार उदय ध्रुव के लिए भी परिजनों को काफी भटकना पड़ा था। इससे पहले कोतवाली थाने की महिला आरक्षक सरोज कंवर के साथ भी ऐसा हुआ था।

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करना पड़ा नोडल अधिकारी नियुक्त
पुलिस वालों के कोरोना से संक्रमित होने के मामले बढ़ने और अस्पतालों में उपचार के लिए मशक्कत को देखते हुए एसएसपी अजय यादव अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएसपी पुलिस लाइन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कोरोना से संक्रमित होने वाले पुलिसकर्मियों के समुचित उपचार, अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था आदि कार्य नोडल अधिकारी करेंगे।

सेनिटाइजेशन बढ़ाया
पुलिस वालों में संक्रमण बढ़ने के बाद पुलिसकर्मियों के आवास और थानों को सेनिटाइज करना शुरू किया गया है। इसके अलावा थानों में सेनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था, मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। भीड़भाड़ में ड्यूटी करने वालों को थ्री लेयर मास्क लगाने का निर्देश दिया गया है।

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रायपुर एसएसपी अजय यादव ने कहा, कोरोना संक्रमण से बचने सभी पुलिस जवानों को एहतियात बरतने कहा गया है। मास्क और सेनिटाइजर का प्रयोग जरूरी कर दिया है। इसके अलावा पुलिस जवानों के घर, कॉलोनी, थानों को सप्ताह में दो बार सेनिटाइजेशन कराया जा रहा है। सभी को संक्रमण से बचने के हर संभव उपाय करते हुए ड्यूटी करने और अपने परिवार वालों का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।

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