एम्स में 50 हजार से अधिक सैंपल जांच, कई जिलों में शुरुआत ही नहीं

प्रदेश में तीन जिलों में आरटी-पीसीआर मशीन से हो रही कोरोना जांच

By: VIKAS MISHRA

Updated: 22 Jun 2020, 01:18 AM IST

रायपुर . रायपुर एम्स ने अब तक कोरोना वायरस के संदिग्ध 51 हजार 13 लोगों के सैंपलों की जांच कर ली है। जिसमें 1033 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में अब तक सैंपलों की जांच की शुरुआत भी नहीं हो पाई है। प्रदेश में 20 जून तक 2134 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में कोरोना वायरस जंाच लैब अधिक होते, तो यह आंकड़ा इससे कहीं अधिक होता। कोरोना वायरस के सैंपल की आरटी-पीसीआर मशीन से जांच अभी तक सिर्फ तीन जिले रायपुर एम्स व मेडिकल कॉलेज जगदलपुर और रायगढ़ में हो रही है। वहीं, शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भिलाई, छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बिलासपुर, अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज राजनंदगांव और गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में लैब और स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने के कारण सैंपलों की जांच शुरू नहीं हो पाई है। प्रदेशभर से सैंपल का कलेक्शन कर इन्हीं लैब में पहुंचाया जाता है। रायपुर के लालपुर स्थित अस्पताल में टूनॉट मशीन और एक निजी लैब में सैंपलों की जांच होती है।
एम्स में बढ़ रही जांच की क्षमता
प्रदेश में कोरोना संक्रमण शुरू होने से पहले ही एम्स प्रबंधन ने मरीजों की जांच से लेकर इलाज तक की व्यवस्था पूरी कर ली थी। एम्स के बीआडी लैब में तीन आरटी-पीसीआर मशीन है, जिससे सैंपलों की जांच होती है। एम्स में प्रतिदिन 800 से 1000 सैंपलों की जांच की जा रही है।
एम्स रायपुर के निदेशक प्रो. डॉ. नितिन एम. नागरकर का कहना है कि एम्स में 800 से 1000 सैंपल की प्रतिदिन जांच की जा रही है। जल्द ही एक नई आरटी-पीसीआर मशीन लगाई जाएगी।
डीएमई के अतिरिक्त संचालक व प्रवक्ता डॉ. निर्मल वर्मा का कहना है कि अभी कुछ सिविल वर्क बचा हुआ है, जिसको पूरा करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिलों में लैब शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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