जिसने बोला तुम ये नहीं कर सकते, उसको वही करके दिखाया इस शख्स ने

सपने और जिद के आगे छोड़ी पांच सरकारी नौकरियां

By: Tabir Hussain

Published: 23 Jul 2018, 01:47 PM IST

ताबीर हुसैन @ रायपुर. अक्सर लोग कहते हैं कि तुमसे ये नहीं हो पाएगा। ये तुम्हारे बस की बात नहीं। इस तरह की बातों से ज्यादातर लोग खुद को कमतर मान लेते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं कमजोरी को हथियार बनाकर कूद जाते हैं जिद के मैदान में और मार लेते हैं बाजी। आज ऐसे ही शख्स से से मिलवाने जा रहे हैं जिसकी डिक्शनरी में कोई भी काम इंपासिबल नहीं था। जिन लोगों ने उससे कहा कि तुम ये काम नहीं कर सकते, इसे चुनौती मानते हुए उन्हें दिखा दिया कि आई केन डू इट। मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था 'सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते।' यह बात उस किशोर के मन में घर कर गई थी। पिता मजदूरी करते थे। वे चाहते थे कि आठवीं के बाद लड़के की शादी कर देंगे। लेकिन बालक तो सपने बुनने में लगा था। आठवीं में बेहतर नंबर आए। सबसे ज्यादा मैथ्स में। टीचर ने कहा कि तुम्हें आगे पढऩा चाहिए। वे उस बालक के पिता से मिले और उन्हें कन्वेंस किया कि इसे आगे पढ़ाओ। इस तरह छात्र के लिए आगे की पढ़ाई का रास्ता साफ हुआ। छोटे-छोटे गोल तय करते हुए वह बालक आज पं. रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट में असि. प्रोफेसर है। नाम है डॉ. वेणुधर रौतिया। उनका कहना है कि आज के दौर में हायर एजुकेशन बहुत जरूरी है। यूथ में अवेयरनेस को लेकर उन्हें प्रेरित करने के लिए मोटिवेशनल स्पीच भी दे रहे हैं।
ये हैं डिग्रियां : एमएससी मैथ्स, एमए इकोनॉमिक्स और हिंदी, एलएलएम, लॉ में नेट, लॉ में पीएचडी, बीजेएमसी।

देने लगे मोटिवेशनल स्पीच
डॉ. वेणुधर ने बताया कि यूथ में टैलेंट की कमी नहीं है। उन्हें अगर थोड़ा पुश किया जाए तो वे उस मुकाम तक पहुंच सकते हैं जो वे चाहते हैं। इसलिए मैंने तय किया कि अपने तजुर्बे का फायदा आज के युवाओं को दूं। मैंने पहली स्पीच राजनांदगांव के दिग्विज कॉलेज में दी। मेरी बात यूथ के जेहन तक पहुंची। बेहतर फीडबैक मिलने पर मैंने राजधानी के डिग्री गल्र्स और पॉलिटेक्नी कॉलेज के अलावा भिलाई, अभनपुर व अन्य स्थानों में २० मोटिवेशनल स्पीच दी। यह सिलसिला चलता रहेगा।

Motivational Story
IMAGE CREDIT: Tabir hussain

प्राइवेट जॉब से शुरुआत
डॉ. वेणुधर पहले तो पिता के साथ मजदूरी में हाथ बंटाया करते थे। ग्रेजुएशन के बाद एक प्राइवेट कंपनी में जूनियर केमिस्ट रहे। इसके बाद एलआइसी डीओ में सलेक्ट हुए। इसी बीच एसएससी में सलेक्शन हुआ और 1999 में रविवि में बतौर प्रूफ रीडर नियुक्त हुए। वे यहीं तक नहीं रुके। बैंक क्लर्क की नौकरी की। विधानसभा में 10 साल तक प्रोटोकॉल में रहे। अब वे लॉ पढ़ा रहे हैं।

रिसर्च आर्टिकल
रिसर्च आर्टिकल इंडियन इंस्ट्यूशन ऑफ एडमिनिस्टे्रशन के कोर्स में। अमेरिका और कनाडा में पब्लिश रिसर्च जनरल में एडोटोरियल मेंबर। 25 नेशनल और इंटरनेशनल कान्फ्रेंस/ सेमिनार में पेपर प्रजेंट। दूरदर्शन रायपुर में 42 प्रोग्राम। ऑल इंडिया रेडियो में 8 प्रोग्राम।

Tabir Hussain Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned