मुंबई- पुणे से सीधा कनेक्शन, राजधानी की सीक्रेट पार्टियों में खपता है लाखों का कोकीन और ब्राउन शुगर

Mumbai drug bust : ड्रग माफिया से जुड़े 16 लोगों को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार
- मुंबई, पुणे और नागपुर से आ रहा महंगे मादक पदार्थ

By: Bhupesh Tripathi

Published: 04 Oct 2021, 02:15 PM IST

Mumbai drug bust : रायपुर। महानगर में तब्दील हो रहे रायपुर में भले अब तक रेव पार्टी बात सामने नहीं आई है, लेकिन कई सीक्रेट पार्टियां होती हैं, जिसमें बेखौफ नशा परोसा जाता है। इन पार्टियों में महंगे ड्रग्स जैसे कोकीन, ब्राउन शुगर, हेरोइन आदि का नशा किया जाता है। राजधानी में सूखे नशे का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। खासकर युवाओं में ज्यादा हो रहा है। इन्हें आसानी से मादक पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए कई ड्रग्स पैडलर भी सक्रिय हैं। ड्रग्स की कितनी खपत रायपुर में हो रही है, इसका अंदाजा पिछले साल हुई कार्रवाई से लगाया जा सकता है। पुलिस ने ड्रग्स पैडलर सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कुछ लोगों को अभी तक जमानत नहीं मिली है।

करते हैं पार्टी का आयोजन
ड्रग्स लेने के लिए शहर के होटलों-रेस्टोरेंट में छोटी-छोटी सीक्रेट पार्टियां आयोजित करते हैं, जिसमें चुनिंदा युवक-युवतियों को शामिल करते हैं। पार्टी में आने वाले नए लोगों को पहले मुफ्त में ड्रग्स का ट्रायल कराया जाता है। इसके बाद उन्हें पैसे में देते हैं। पिछले साल इसी तरह की एक सीक्रेट पार्टी से पुलिस को ड्रग्स माफिया का क्लू मिला था। उसके आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया था।

रायपुर-दुर्ग-भिलाई में ज्यादा
रायपुर और दुर्ग-भिलाई (Bhilai durg) में ड्रग्स ज्यादा खप रहा है। दुर्ग में ब्राउन शुगर और रायपुर में कोकिन व हिरोइन की डिमांड ज्यादा है। महंगा होने के कारण ड्रग्स का सेवन हाईप्रोफाइल लोग ज्यादा करते हैं। ब्राउन शुगर और हिरोइन जैसे माल नागपुर, पुणे और मुंबई जैसे शहरों से आता है।

पहली बड़ी कार्रवाई
ड्रग्स माफिया का नेटवर्क तोड़ते हुए पुलिस ने पिछले साल 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुंबई, पुणे, ओडिशा, बिलासपुर और रायपुर के युवक-युवती शामिल थे। आरोपियों से 15 लाख रुपए से ज्यादा का कोकिन बरामद हुआ था।

वर्सन
ड्रग्स बेचने वालों के खिलाफ रायपुर पुलिस पहले भी ठोस कार्रवाई कर चुकी है। आगे भी सख्ती जारी रहेगी। जहां भी सूचना मिलती है, पुलिस कार्रवाई करती है। पिछले साल की कार्रवाई के बाद ड्रग्स बेचने वालों के संगठित गिरोह की बात अब तक सामने नहीं आई है।
- तारकेश्वर पटेल, एएसपी, पूर्व, रायपुर

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तस्करी रोकने चेकपोस्ट
मादक पदार्थ और शराब की तस्करी (Smuggling Drugs cocaine) को रोकने के लिए बार्डर से सटे 10 जिलों के 16 स्थानों में चेकपोस्ट बनाए गए है। यहां कैमरे लगाकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से मादक पदार्थो की तस्करी हो रही है। इसे रोकने और तस्करों से साथ ही मादक पदार्थो को पकडऩे के लिए चेकपोस्ट बनाने के निर्देश दिए गए है। यहां 24 घंटे छत्तीसगढ़ सशस्त्रबल के जवान वाहनों की जांच करेंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ की सीमा 8 राज्यों से जुड़ी हुई है।

3 वर्ष में 15 करोड़ की तस्करी
राजस्व खुफिया निदेशालय और राज्य पुलिस द्वारा पिछले 3 वर्ष 15 करोड़ रुपए के ज्यादा के मादक पदार्थो की जब्ती की गई है। इसमें सबसे ज्यादा ओडिश के रास्ते अन्य राज्यों में गांजा, अफीम और ब्राउन शुगर पकड़ा गया है। राज्य पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 की तुलना में पुलिस ने वर्ष 2020 में 37 फीसदी गांजा जब्ती की कार्रवाई की है। पुलिस ने वर्ष 2020 में 95 क्विंटल गांजा जब्ती की है। जबकी वर्ष 2019 में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के 68 मामले में 32 क्विंटल गांजा जब्ती की है। वर्ष 2019 की तुलना में पुलिस ने वर्ष 2020 में तिगुना गांजा जब्त की है। वहीं 2021 में डीआरआई और राज्य पुलिस द्वारा अब तक करीब 1 करोड़ का गांजा, अफीम जब्त किया जा चुका है।

Bhupesh Tripathi
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