नगर निगम चुनाव: बिरगांव, भिलाई और रिसाली में चुनावी भिड़ंत की जमीन तैयार

- निर्वाचन आयोग ने शुरू की तैयारी: राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ी
- दिसम्बर में संभावित है तीनों नगर निगम में चुनाव
- अभी भिलाई में कांग्रेस, तो बिरगांव में भाजपा का महापौर, रिसाली में पहली बार होगा चुनाव

By: Bhupesh Tripathi

Published: 27 Jul 2020, 07:41 PM IST

रायपुर. भिलाई, रिसाली और बिरगांव नगर निगम चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने का काम शुरू होते ही राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। कांग्रेस-भाजपा दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न होगा। कांग्रेस पिछले नगरीय निकाय चुनाव की तरह इस चुनाव में तीन सीट पर कब्जा का प्रयास रहेगा। वहीं भाजपा को अपनी खोई साख को वापस पाने का एक अच्छा मौका होगा। फिलहाल भिलाई नगर निगम में कांग्रेस के देवेन्द्र यादव महापौर हैं। वे विधायक भी हैं। बिरगांव में भाजपा की अंबिका यदु महापौर की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। जबकि रिसाली नगर निगम में पहली बार चुनाव होगा।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से राजनीतिक परिस्थितियां बहुत हद तक बदल गई है। महापौर चुनाव प्रक्रिया में हुए महत्वपूर्ण बदलाव के बाद कांग्रेस शहरी क्षेत्रों में अपना कब्जा जमाने में कामयाब रही। माना जा रहा है कि पिछले निकाय चुनाव की तरह तीनों नगर निगम के चुनाव में भी पार्षद ही महापौर का चुनाव करेंगे। एेसे में सत्ता पक्ष का पल्ला इस बार भी भारी पड़ सकता है। इससे बचने के लिए भाजपा को अपने पार्षद की टिकट का वितरण काफी सोच-समझ कर करना होगा। हालांकि भाजपा का संगठन काफी मजबूत है, लेकिन गुटबाजी के कारण सारे समीकरण कभी भी बिगड़ सकते हैं।

जनवरी तक चुनाव इसलिए जरूरी
भिलाई और बिरगांव नगर निगम का चुनाव दिसम्बर के अंत तक होते आया है। जानकारों का कहना है कि दोनों निकायों में महापौरों के प्रथम सम्मेलन की तिथि जनवरी की है। यदि यह तय समय में किसी कारण से चुनाव नहीं होता है, तो वहां शासन को प्रशासक बैठाना होगा। जैसे की कि अभी रिसाली नगर निगम में हो रहा है। यहां आयुक्त ही सारी जिम्मेदारी और व्यवस्था संभाल रहे हैं। भिलाई नगर निगम में प्रथम सम्मेलन की तिथि २२ जनवरी २०१६ है। वहीं बिरगांव नगर निगम में प्रथम सम्मेलन २ जनवरी २०१६ को हुआ था। इस हिसाब से इन तिथियों के पहले प्रथम सम्मेलन करवाना अनिवार्य होगा।

कोरोना बढ़ा सकता है परेशानी
बिरगांव और भिलाई नगर निगम क्षेत्र में लगातार कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। एेसे में यहां फोटोयुक्त निर्वाचन नामावली तैयार करने में दिक्कत आ सकती है। जबकि आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक ४ अगस्त से काम शुरू होना है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन १२ अक्टूबर को किया जाना है।

भिलाई-चरोदा में एक साल बाद चुनाव
भिलाई, रिसाली और बिरगांव नगर निगम चुनाव के एक साल बाद भिलाई-चरोदा नगर निगम का चुनाव होगा। यहां प्रथम सम्मेलन की तिथि २० जनवरी २०१७ है। यहां फिलहाल भाजपा चंद्रकांता मांडले महापौर है। बताया जाता है कि जब भिलाई-चरोदा निगम आस्तित्व में आया था, तो यहां सीटों के आरक्षण को लेकर विवाद हो गया था और मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। इस वजह से यहां एक साल देरी से चुनाव हुआ था।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार लगातार जनहित में फैसले ले रही है। गांव, गरीब और आदिवासियों का ध्यान रखा है। इससे पहले १० नगर निगम में कांग्रेस की सरकार बनी है। आने वाले चुनाव में भी जनता सरकार के कामकाज पर अपनी मुहर लगाएंगी।
धनंजय सिंह ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस

सरकार की स्थिति ठीक नहीं है। शहरी क्षेत्र में कोई काम नहीं हो रहा है। इससे क्षेत्र की जनता नाराज है। चुनाव जीतने के लिए गलत तरीके से परिसीमन किए जाने की शिकायत सामने आई हैं। इन सब के बाद हम दमदारी से चुनाव लड़ेंगे और जनता का समर्थन हासिल करेंगे।

संजय श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

Bhupesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned