नान घोटाला: गवाह ने कोर्ट में बताया कहां से आया 20 लाख रुपए, 294 में से 68 का बयान दर्ज

विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल की अदालत दोनों गवाह पेश हुए थे।

रायपुर. नान घोटाले में गवाह बनाए गए एमके राजपूत ने छापेमारी के दौरान जब्त किए गए 20 लाख रुपए का हिसाब दिया। इओडब्ल्यू की स्पेशल कोर्ट को उसने बताया कि यह रकम किसे पहुंचाई जानी थी और किसके पास से बरामद की गई। वहीं एक अन्य गवाह वीके सेठ ने सैंपलिंग के लिए जब्त किए गए चावल का ब्यौरा दिया। उनके द्वारा दिए गए बयान का प्रतिपरीक्षण कर कोर्ट ने बयान दर्ज किया। बुधवार को विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल की अदालत दोनों गवाह पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। ज्ञात हो कि नान घोटाले में एंटीकरप्शन और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत कि ए गए चालान में 294 लोगों को गवाह बनाया गया है। इसमें से 68 गवाहों के बयान अब तक हो चुका है।

3 दिन में 6 गवाहों का होगा बयान
नान घोटाले की सुनवाई कर रहे स्पेशल कोर्ट में 2 से 4 जनवरी तक 6 गवाह लगातार अपना बयान होगा। रोजाना दो गवाहों के बयान लिए जाने है। पहले दिन वीके सेठ, एमके राजपूत ने अपना बयान दर्ज कराया है। इस मामले में केके राठी, भंवरलाल खत्री, भार्गव शर्मा और मो. शब्बीर को गवाही होनी है। इन सभी को स्पेशल कोर्ट ने गवाही देने के लिए पहले ही समंस जारी किया था। गौरतलब है कि नान घोटाले में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए गवाहों का बयान दर्ज किया जा रहा है।

पेश किए साक्ष्य
न्यायालीन सूत्रों ने बताया कि सुनवाई के दौरान गवाहों ने अपने द्वारा दिए गए बयान के समर्थन में अदालत में साक्ष्य भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई रकम किसकी थी। कहां पहुंचाया जाना था और छापेमारी के दौरान यह राशि कहां से बरामद की गई। ज्ञात हो कि एसीबी और इओडब्लू ने 15 फरवरी 2015 में 28 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान 28 ठिकानों से 1 करोड़ 65 लाख नकदी सहित करोड़ों रुपए के लेन-देन के दस्तावेज बरामद किए गए थे।

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चंदू निर्मलकर Desk
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