जवानों को उड़ाने के लिए नक्सलियों ने लगाया बम, विस्फोट से खुद के ही उड़ गए चिथड़े

18 फरवरी को आमाबेड़ा के चुकपाल गांव में सुबह 6.15 बजे एक हादसा हुआ। फोर्स को उड़ाने के लिए बम लगाते वक्त विस्फोट हो गया। इसमें कांकेर के आलदंड, कंदाड़ी निवासी सोमजी उर्फ सहदेव वेड़दा की मौत हो गई। यह डीवीसी मेंबर था।

By: bhemendra yadav

Updated: 26 Feb 2021, 07:16 PM IST

कांकेर. कांकेर के आमाबेड़ा में एक नक्सली के शव के चीथड़े पेड़ पर लटके मिले। साजिश तो सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की थी। लेकिन शिकार खुद नक्सली हो गए। बम लगाते वक्त ब्लास्ट हुआ और एक नक्सली की मौत हो गई, दो घायल हैं।

इस घटना के बारे में नक्सलियों ने खुद जानकारी दी। उन्होंने पर्चे फेंके और पोस्टर लगाए। ये पर्चे उत्तर बस्तर डिवीजनल कमेटी के प्रवक्ता सुखदेव कावड़े ने जारी किए। इनके जरिए बताया गया कि 18 फरवरी को आमाबेड़ा के चुकपाल गांव में सुबह 6.15 बजे एक हादसा हुआ। फोर्स को उड़ाने के लिए बम लगाते वक्त विस्फोट हो गया। इसमें कांकेर के आलदंड, कंदाड़ी निवासी सोमजी उर्फ सहदेव वेड़दा की मौत हो गई। यह डीवीसी मेंबर था।

नक्सलियों के निशाने पर थी BSF

चुकपाल के इलाके में जहां विस्फोट हुआ वहां आसपास में कई प्रेशर बम लगाए गए थे। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने ये बम वापस निकाल लिए। इससे छोटे- छोटे गड्ढे हो गए हैं। यहां से कुछ दूरी पर बोड़ागांव में बीएसएफ का कैंप है। गश्त पर निकलने वाले जवान वापसी में कैंप करीब आने पर कभी-कभी कहीं रुककर आराम करते हैं‌ इसी को ध्यान में रखते हुए नक्सलियों ने प्रेशर बम लगाए थे। इतनी ज्यादा संख्या में प्रेशर बम प्लांट किए गए थे और नक्सलियों की तैयारी बड़े हमले की थी।

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