अगर इन बैंकों में है आपका अकाउंट तो अब आपको भी देना पड़ेगा GST

जीएसटी का असर अब बैंकिंग सेवाओं पर भी पडऩे लगा है।

By: Deepak Sahu

Published: 20 Jul 2018, 12:28 PM IST

रायपुर. जीएसटी का असर अब बैंकिंग सेवाओं पर भी पडऩे लगा है। बैंक अकाउंट सबसे पहले इसके दायरे में लिया जा रहा है। जिसके तहत खाता बंद कराने पर जीएसटी देना होगा। एक बार खाता खुलवाने के बाद अब उसे बंद कराना ग्राहकों को महंगा पड़ेगा। भारतीय स्टेट बैंक के साथ- साथ लगभग सभी बैंकों ने इसकी शुरुआत कर दी है। नई व्यवस्था के तहत खाता बंद कराने के लिए स्टेट बैंक में जीएसटी शुल्क के साथ कुछ रुपए देने होंगे। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

ये हैं इस नियम को लागू करने की वजह
यह GST उस स्थिति में ली जाएगी जब अकाउंट होल्डर खाता खुलवाने के एक साल के भीतर बंद करवाए। बैंक अधिकारियों के मुताबिक एक अकाउंट खोलने की प्रक्रिया में समय और अर्थ दोनों खर्च होते हैं। इसके अलावा हर बिंदु की बारीकी से जांच भी करनी पड़ती है।

अकाउंट होल्डर को पासबुक चेकबुक और एटीएम कार्ड भी दी जाती है। इसके वजन से बैंक पर खर्च बढ़ता है। उसके बाद कोई अकाउंट होल्डर अपना अकाउंट बंद कर आता है। तो यह सारी मेहनत बर्बाद हो जाती है। चेक बुक पासबुक एवं एटीएम किसी काम के नहीं रह जाते। इन्हीं सब कारणों की वजह से शुल्क लिया जा रहा है।

gst for closing account

इस मामले में राहत यह दी गई हैं कि खाता खुलवाने के लिए 14 दिन के भीतर खाता बंद करवाया गया तो इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा। स्टेट बैंक खाता धारक को 14 दिन के लॉक फ्री पीरियड के साथ एकाउंट खोलने की अनुमति देता है। इस में खाता धारक को इस अवधि के बीच बिना किसी चार्ज के भुगतान के बगैर खाता बंद कराने की सुविधा दी गई है। इस तरह इस अवधि में नील चार्ज पर खाता बंद कराने की सुविधा मिलती है।

जनधन और बेसिक खाता के लिए नि:शुल्क
नए नियम जनधन और बेसिक खाता में लागू नहीं होगा। यानि इन खातों को बंद कराने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। नए नियम के लागू हो जाने के बाद करंट और सेविंग अकाउंट दोनों किस्म के अकाउंट को बंद कराने के लिए जीएसटी के साथ शुल्क देना होगा। नई व्यवस्था खाता खुलाने की अवधि से लेकर 1 साल के बीज बंद कराने पर लागू होगी।

एसबीआई के रीजनल मैनेजर रंजीत कुमार ने बताया कि बैंकिंग सेवा लेने के लिए चार्ज के नियम हैं, लेकिन खाता बंद कराने की स्थिति में क्लोजर एमाउंट पर जीएसटी देय होगा।

Deepak Sahu
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