अब सुनाई नहीं देती नगाड़ों की थाप, पिचकारी और रंग-गुलाल से सजीं दुकानें

आधुनिकता के इस दौर में परंपराएं काफी तेजी से दम तोड़ती नजर आ रही है। फाल्गुन मास में गूंजनी वाला फाग और नगाड़ों की थाप तेजी से खत्म होती जा रही है।

By: dharmendra ghidode

Updated: 07 Mar 2020, 04:47 PM IST

भैंसा. फाल्गुन मास में गूंजने वाली फाग और नगाड़ों की थाप अब कम ही सुनाई देती है। गावों में नंगाडे के बेचने वाले बाजारों में लाकर नंगाडे बेच रहे हैं। होली के लिए कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन नगाड़ों की बिक्री अब तक शुरू नहीं हो पाई है इससे व्यापारी मायूस हैं।
आधुनिकता के इस दौर में परंपराएं काफी तेजी से दम तोड़ती नजर आ रही है। फाल्गुन मास में गूंजनी वाला फाग और नगाड़ों की थाप तेजी से खत्म होती जा रही है। रंगों के पर्व होली में महज कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन माहौल में अब तक फाग का शुरूर नहीं चढ़ पाया है। बसंतोत्सव की खुमारी महंगाई के चलते धीरे-धीरे दम तोड़ती नजर आ रही है। शहर से लगे ग्रामीण अंचलों में होली के सप्ताह भर पूर्व ही फाग और नगाड़ों की थाप शुरू हो जाती थी। लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ है, फिजा में न तो फाग और न ही नगाड़ों की गूंज है। प्रतिवर्ष नगाड़ा लेकर विक्रय के लिए पहुंचने वाले व्यापारी शहर के चौक.चौराहों में दुकान लगाकर बैठे हैं। लेकिन उन्हें नगाड़ों के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि बीते चार-पांच साल से नगाड़ों की डिमांड कम होती जा रही है। पुश्तैनी पेशा होने और दूसरा कोई काम-धंधा नहीं होने के कारण उनकी भी मजबूरी है कि वे इसी व्यवसाय से जुड़े रहें। लेकिन अब उनका भी गुजारा होना मुश्किल होता जा रहा है।
होली महोत्सव धूमधाम से मना
भाटापारा. श्री अग्रसेन धर्मशाला सेवा समिति भाटापारा के द्वारा मंगलवार को अग्रसेन भवन में होली महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित अखबार समाज के लोग और महिला मंडल के द्वारा आपस में रंग गुलाल कर कर होली का त्यौहार मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदा राम अग्रवाल रायपुर विशेष अतिथि के रूप में श्याम गोयल रायपुर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यनारायण मित्तल ने की। इस अवसर पर अग्रसेन भवन में लगी लिफ्ट का लोकार्पण एवं सेकंड फ्लोर में बने हाल एवं कमरों का लोकार्पण अतिथियों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला मंडल के सदस्य के अलावा अग्रसेन धर्मशाला सेवा समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, संरक्षक कैलाश अग्रवाल, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, भागवत भूषीनिया, निर्मल बंसल, कमल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, प्रेमचंद भूसानिया, भगवती चिरानिया, मदन लाल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

Holi Holi festival
dharmendra ghidode
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned