फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं, बिल्डर को लौटाने होंगे जमा 12 लाख

रेरा का फैसला: चर्चित स्वागत विहार में फ्लैट बुकिंग का मामला

By: VIKAS MISHRA

Published: 21 Jan 2021, 07:50 PM IST

रायपुर. चर्चित यू स्वागत विहार में फ्लैट खरीदने के एक मामले में छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने फैसला दिया है कि आवेदिका ने जितनी किस्तें जमा किया, उतनी राशि बिल्डर को वापस करनी पड़ेगी। यह राशि 12 लाख रुपए है। भले ही आवेदिका ने बीच-बीच में किस्त जमा न किया हो, लेकिन अलग-अलग किस्तों में जितनी राशि जमा की गई है, उसे नहीं लौटाने का कोई तर्क नहीं बनता है।
दरअसल यह मामला 2011-12 का है। उस समय न्यू स्वागत विहार में प्लाटिंग बेचने के साथ ही मकानों और फ्लैट्स का निर्माण कराकर तत्कालीन बिल्डर संजय वाजपेयी द्वारा बेचा जा रहा था। इस प्रोजेक्ट में कई लोगों ने किस्तों में मकानों और फ्लैट बुक कराए, लेकिन 2013 आते-आते पूरा प्रोजेक्ट विवादों में उलझा गया। इसके बाद से अभी तक निर्माणाधीन फ्लैट्स और मकान खंडहर होते जा रहे हैं। क्रय-विक्रय पर रोक लगी हुई है।
फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराने की दर्ज कराई थी शिकायत: कचना फेस-2 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी शुगराबानो पति स्व. डॉ. हाजी याकुब मेमन ने रेरा में यह शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया था कि 2010-11 में न्यू स्वागत विहार में फ्लैट नंबर क्रमांक 501 और 502 क्रय करने के लिए 28 लाख रुपए में इकरारनामा निष्पादित किया गया था। किस्तों में 12 लाख रुपए जमा किया। परंतु विवादित प्रोजेक्ट के तत्कालीन डायरेक्टर संजय वाजपेयी के विरुद्ध सरकारी जमीन को विक्रय मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद वर्तमान डायरेक्टर सरिता वाजपेयी व योगेश्वर शुक्ला से कई बार रजिस्ट्री कराकर आधिपत्य देने का अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आवेदिका ने रेरा में अर्जी लगाकर 2009 से 18 प्रतिशत ब्याज सहित बिल्डर संचालक मंडल से दिलाने की मांग की थी।
दो महीने के अंदर भुगतान का आदेश
रेरा में बिल्डर संचालक मंडल ने भी लिखित में पूरे मामले को प्रस्तुत किया था कि आवेदिका द्वारा 12 लाख रुपए भुगतान किया गया, परंतु अभी 16 लाख रुपए का भुगतान बाकी है। उन्होंने प्रोजेक्ट के विवादित होने की भी पूरी जानकारी प्रस्तुति की। दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड, सदस्य नरेंद्र कुमार अग्रवाल व राजीव कुमार टम्टा ने 8 जनवरी 2021 को आदेश पारित किया कि आवेदिका द्वारा भुगतान की गई 12 लाख रुपए प्राप्त करने की हकदार है। इसलिए बिल्डर संचालक मंडल को दो महीने के अंदर वापस करना सुनिश्चित करना होगा।

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