scriptNotice issued to the collectors of 6 districts in paddy soaking issue | बेमौसम बारिश से धान भीगने का मामला: रायपुर समेत इन 6 जिलों के कलेक्टरों को जारी होगी नोटिस | Patrika News

बेमौसम बारिश से धान भीगने का मामला: रायपुर समेत इन 6 जिलों के कलेक्टरों को जारी होगी नोटिस

बेमौसम बारिश के कारण धान खरीदी केन्द्रों में धान की फसल भीगने को मंत्रिमंडलीय उप समिति ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में इसे लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की गई।

रायपुर

Published: January 05, 2022 11:07:48 pm

रायपुर. बेमौसम बारिश के कारण धान खरीदी केन्द्रों में धान की फसल भीगने को मंत्रिमंडलीय उप समिति ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में इसे लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की गई। इसके बाद मंत्रिमंडलीय उप समिति ने बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद और रायपुर जिलों के कलेक्टरों, जिला विपणन अधिकारियों और उप पंजीयकों को नोटिस जारी करने की अनुशंसा की है। वहीं अधिकारियों का दावा है कि बारिश से धान की कोई क्षति नहीं हुई है।
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बेमौसम बारिश से धान भीगने का मामला: रायपुर समेत इन 6 जिलों के कलेक्टरों को जारी होगी नोटिस
बैठक में मंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई कि मौसम विभाग द्वारा बारिश संबंधी पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके बाद भी धान को भीगने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बारिश के पहले एवं बाद में नियमित रूप से भौतिक सत्यापन क्यों नहीं किया गया। बैठक में मंत्री मोहम्मद अकबर, मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी मौजूद थे।
38 हजार टन धान भीगा
बैठक में यह बात सामने आईं कि बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद और रायपुर जिलों में कुल 38 हजार टन धान बारिश से भीगा है। अधिकारियों ने बताया इसे सुखाकर इसकी मिलिंग कराई जा सकती है। धान खरीदी केन्द्रों में धान के भीगे बारदानों को पलटीकर सुखाया गया है, जिससे धान की कोई क्षति नहीं हुई है।
यह है नोटिस जारी करने की असल वजह
राज्य सरकार ने धान खरीदी केन्द्रों में धान को बारिश से बचाव के लिए कैप कवर, तालपत्री सहित विभिन्न इंतजाम के लिए पर्याप्त राशि सहकारी समितियों को उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद भी इस काम में लापरवाही सामने आई है। खाद्यमंत्री के मंदिर हसौद के दौरे के दौरान भी इस तरह की खामियां सामने आईं थीं।
फिलहाल बारदानों का संकट नहीं
बैठक में अधिकारियों ने बताया, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता है। वर्तमान में पीडीएस, मिलर्स और किसानों से बारदाने आपूर्ति के कारण धान खरीदी व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं हो रही है।

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