COVID-9: लंदन वाले की तुलना में इंडोनेशिया से आया वायरस ज्यादा खतरनाक

कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) छत्तीसगढ़ के कटघोरा में अब तक 27 लोगों को संक्रमित कर चुका है। कोरोना वायरस दिल्ली के मरकज से महाराष्ट्र और वहां से यहां तक पहुंचा। मरकज में इंडोनेशिया से आए लोगों को वायरस का सोर्स बताया जा रहा है।

By: Ashish Gupta

Published: 18 Apr 2020, 01:51 PM IST

रायपुर. कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) छत्तीसगढ़ के कटघोरा में अब तक 27 लोगों को संक्रमित कर चुका है। कोरोना वायरस दिल्ली के मरकज से महाराष्ट्र और वहां से यहां तक पहुंचा। मरकज में इंडोनेशिया से आए लोगों को वायरस का सोर्स बताया जा रहा है।

यह वायरस तेजी से चलने वाला है। इसलिए मरकज से निकले लोगों ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया। देश में अब तक मिले कुल पॉजिटिव केस में 30 प्रतिशत तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। छत्तीसगढ़ में भी यही स्थिति है। 36 में 27 मरी जमात वाले हैं।

दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में लंदन, सऊदी अरब और थाईलैंड से लौटे लोग भी संक्रमित पाए गए हैं। इन्होंने जानकारी होते हुए भी लापरवाही बरती, बावजूद इसके इस वायरस का फैलाव नहीं हुआ। इसने किसी दूसरे को संक्रमित नहीं किया। रायपुर एम्स में वायरस के प्रभाव और म्यूटेशन को लेकर शोध हो रहा है। इस अध्ययन में चीजें स्पष्ट होंगी।

लंदन- सऊदी अरब से आए लोगों को पता था कि हम संदिग्ध हैं
इन्हें पता था कि यह विदेश से आ रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के प्रति जागरूक है। ये एयरपोर्ट पर या फिर डोर टू डोर सर्वे के दौरान पहचाने गए। इनमें भी कुछ छिपे हुए थे। मगर सर्दी, जुखाम और खांसी होने पर अस्पतालों में गए और जांच में पॉजिटिव पाए गए। इनमें से कई ने होम क्वारंटाइन के नियमों का पालन नहीं किया। इतना ही नहीं, कई पार्टी करते रहे। शहर भर में घूमते रहे। उनके विरुद्ध एफआइआर भी दर्ज है।

नहीं हुआ फैलाव
ये घरों में परिजनों के साथ रहे। मगर इस वायरस ने परिवार के किसी भी सदस्य, दोस्त, नौकर, ड्राइवर किसी को संक्रमित नहीं किया।

जीवनशैली अहम
रामनगर गुढ़ियारी में मिले पॉजिटिव मरीज को छोड़ दिया जाए तो शेष सभी आठ मरीजों का रहन-सहन उच्चस्तरीय है। इसका भी फर्क वायरस के फैलाव में अहम होता है।

कटघोरा में संक्रमित मिल रहे लोगों को पता था कि हम संदिग्ध हैं
कटघोरा में संक्रमित मिले 27 मरीजों में से अधिकतर की पहचान तबलीगी जमात के नाम पर शुरू हुई जांच में हुई। यहां के मस्जिद में ठहरा महाराष्ट्र का किशोर वायरस का सोर्स माना जा रहा है। यहां के लोगों को पता ही नहीं था कि यह वायरस क्या है या वे भी संदिग्ध है। ये पॉजिटिव पाए गए वे रोजमर्रा की तरह जीवनयापन कर रहे थे और अभी न जाने कितने और संक्रमित हैं जो ऐसे ही जीवनयापन कर रहे हैं। कोरोना महामारी के प्रति जागरुक नहीं है।

वायरस का हुआ फैलाव
इस वायरस का फैलाव तेजी से हुआ। एक परिवार ऐसा भी है जिसमें छह सदस्य वायरस से संक्रमित हैं। कई परिवारों में दो-दो लोग संक्रमित हैं। इस संपर्क में आने की वजह से एक से दूसरे, दूसरे से तीसरे पहुंचा।

जीवनशैली
कटघोरा में मिले सभी लोग एक पतली सी गली के दोनों तरफ रहने वाले स्लम बस्ती के हैं। एक-दो कमरे में गुजारा करते हैं। एक साथ खाना खा रहे हैं। मास्क लगाने, हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का ज्ञान नहीं है।

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