अब गौठानों में पैरा दान देने लगे है किसान

ग्राम पंचायत बारूला के गौठान समिति का अनुकरणीय पहल

जिला प्रशासन की पहल रंग लाई

By: lalit sahu

Published: 03 Dec 2019, 08:17 PM IST

रायपुर. गरियाबंद में खरीफ फसल कटाई और मिजाई के पश्चात खेत खलिहानों में पड़े पैरा को अब अंचल के किसान जलाना छोडक़र गौठानों में दान देने लगे हैं। फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत बारूला के गौठान समिति ने यह अनुकरणीय पहल करते हुए पैरा गौठान में दान दिया है।

अवगत है कि इस क्षेत्र में फसल कटाई के पश्चात बचे अवशिष्ट को जलाने की प्रवृत्ति रही है। पिछले एक वर्ष से जिला प्रशासन द्वारा किसानों को पैरा नहीं जलाने की समझाईश दी जा रही है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशों का अनुपालन करने में जिला प्रशासन सदैव अग्रणी रहा है। जिले के कलेक्टर श्याम धावड़े द्वारा किसानों से बार-बार अपील की गई थी, जिसका असर अब दिखने लगा है। कुछ दिन पहले ही कलेक्टर ने स्वयं गांव-गांव में रात्रि चौपाल लगाकर किसानों को समझाईश दी थी। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने भी फसल अवशेष जलाने पर चिंता जाहिर करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया था कि राज्य के किसान पर्यावरण का ख्याल रखते हुए शेष बचे पैरा गौठानों में दान देंगे या फिर जैविक खाद बनाकर उसका फिर से खेतों में उपयोग करेंगे।

गांव एवं आस-पास के लोगों को भी प्रेरित करेंगे
ग्राम पंचायत बारूला के गौठान समिति के अध्यक्ष शेषनारायण ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा दी गई समझाईश के बाद हमने गांव में यह फैसला किया कि सभी खेतों में पड़े पैरा को गौठान में दान देंगे। साथ ही गांव एवं आस-पास के लोगों को भी प्रेरित करेंगे। इस पहल में सरपंच रामबाई साहू, उप सरपंच सुखदेव साहू, सचिव गोपेश सेन एवं रोजगार सहायक दीपक साहू सहित ग्रामवासियों का योगदान सराहनीय है। विकासखंड फिंगेश्वर की सीईओ स्वेच्छा सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में कलेक्टर द्वारा रात्रिकालिन जन चौपाल लगाने के बाद किसानों के सोंच में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। किसान अब पैरा न जलाते हुए या तो गौठानों में दान देने की सोंच रहे हैं अथवा जैविक खाद बनाने की ओर अग्रसर हैं। कलेक्टर श्याम धावड़े ने किसानों के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि बारूला के किसानों द्वारा गौठान में पैरा दान देकर दूसरे किसानों को प्रेरित करने का कार्य किया है। वास्तव में यह कार्य सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दूसरे किसान भी अब गौठानों में पैरा दान करने आगे आएंगे।

lalit sahu Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned