scriptNumber of farmers who did not repay loans increased in Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में ऋण लेकर नहीं चुकाने वाले किसानों की संख्या बढ़ी | Patrika News

छत्तीसगढ़ में ऋण लेकर नहीं चुकाने वाले किसानों की संख्या बढ़ी

- एक साल में 1 लाख 48 हजार 572 हजार किसानों ने अधिक लिया कर्ज
- दो साल में 55709 करोड़ रुपए कर्ज का बकाया

रायपुर

Updated: August 04, 2021 06:14:18 pm

रायपुर . छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की वजह से ग्रामीणों का रुझान खेती-किसानी की तरफ बढ़ा है। इस वजह से हर साल सहकारी बैंकों से शून्य ब्याज दर पर कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या भी बढ़ी है। इसके साथ ही कर्ज की बकाया राशि भी बढ़ती जा रही है। दो साल में किसानों पर 55709 लाख रुपए का कर्ज बाकी है।
farmers.jpg
सहकारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने एक प्रश्न के लिखित में दी गई जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019-20 में सहकारी बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या 12 लाख 81 हजार 616 थी। वहीं वर्ष 2020-21 में कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या 14 लाख 30 हजार 188 हो गई है। यानी एक वर्ष के अंतराल में ही कर्ज लेने वालों की संख्या 1 लाख 48 हजार 572 की वृद्धि दर्ज की गई है। यही स्थिति कर्ज की राशि को लेकर भी है। वर्ष 2019-20 में किसानों ने 433981 लाख रुपए का कर्ज लिया, लेकिन 19767 लाख रुपए का नहीं जमा किए। इसी प्रकार 2019-20 में किसानों ने 35942 लाख रुपए कर्ज का नहीं पटाया।
इस साल अब तक 3840 करोड़ का ऋण दिया
राज्य सरकार ने इस साल खरीफ सीजन के लिए 5300 करोड़ रुपए कृषि ऋण के रूप में किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। अब तक 3840 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण किसानों को दिया जा चुका है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद भी कृषि ऋण के रूप में उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सहकारी समितियों में की गई है। अब तक किसानों ने 2 लाख 52 हजार 300 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उठाव कृषि ऋण के रूप में किया है, जिसकी कुल कीमत 25.23 करोड़ है।
ऋण माफी का मिला लाभ
राज्य सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में कृषि ऋण माफी का वादा किया था। इसके आधार पर कांग्रेस सरकार के गठन के बाद ऋण माफी की घोषणा की थी। अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत राज्य सरकार ने 21 बैंक के करीब 8743.61 करोड़ रुपए का ऋण माफ किया था। इनमें सबसे ज्यादा 5261.43 करोड़ रुपए की राशि सहकारी बैंकों की थी।
सहकारी बैंकों से सबसे ज्यादा ऋण लेने वाले टॉप-५ जिले

जिला- 2019-20- 2020-21

राजनांदगांव- 53476.49- 64418.67
बेमेतरा- 40992.80-49132.80
बालोद- 35803.59- 42388.37
बलौदाबाजार- 31853.55-36972.13
कबीरधाम- 31107.43-37169.23

- किसानों के अल्पकालीन ऋण की राशि का समायोजन उनके खातों से हो जाता है। मध्य और दीर्घकालीन ऋण की वसूली के लिए बैंक के अधिकारी अपनी कार्रवाई करते रहते हैं। ऋण की वसूली में अभी कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
- पंकज शर्मा, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक रायपुर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

School Holidays in February 2022: जनवरी में खुले नहीं और फरवरी में इतने दिन की है छुट्टी, जानिए कितनी छुट्टियां हैं पूरे सालइन 4 तारीखों में जन्मी लड़कियां पति की चमका देती हैं किस्मत, होती है बेहद लकी“बेड पर भी ज्यादा टाइम लगाते हैं” दीपिका पादुकोण ने खोला रणवीर सिंह का बेडरूम सीक्रेटइन 4 राशियों की लड़कियां जिस घर में करती हैं शादी वहां धन-धान्य की नहीं रहती कमीमां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां, चमका देती हैं ससुराल वालों की किस्मतजैक कैलिस ने चुनी इतिहास की सर्वश्रेष्ठ ऑलटाइम XI, 3 भारतीय खिलाड़ियों को दी जगहकम उम्र में ही दौलत शोहरत हासिल कर लेते हैं इन 4 राशियों के लोग, होते हैं मेहनतीइन 4 नाम वाले लोगों को लाइफ में एक बार ही होता है सच्चा प्यार, अपने पार्टनर के दिल पर करते हैं राज

बड़ी खबरें

राहुल गांधी ने फॉलोवर्स सीमित होने पर Twitter पर लगाया सरकार के दबाव में काम करने का आरोप, जानिए क्या मिला जवाबकेरल और कर्नाटक में 50 हजार तक सामने आ रहे नए केस, जानिए अन्य राज्यों का हालटाटा ग्रुप का हो जाएगा अब एयर इंडिया, कर्मचारियों को क्या होगा फायदा और नुकसान?झारखंड में नक्सलियों ने ब्लास्ट कर उड़ाया रेलवे ट्रैक, राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का रूट बदलाBudget 2022: इस साल भी पेश होगा डिजिटल बजट, जानें कैसे होगी छपाई5 करोड़ का मुआवजा पाने वाले किसान की गोली मारकर हत्या, पत्नी ने बेटे पर लगाया आरोपनीमच में जैन मुनि श्री की समाधि के लिए मुस्लिम व्यक्ति ने दी निशु:ल्क भूमि, हिन्दू-मुस्लिम भाई चारे का दिया परिचयRRB-NTPC Exam: पटना के खान सर समेत कई संस्थानों के खिलाफ एफआईआर, छात्रों को उकसाने का आरोप
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.