मिड डे मिल : विद्यार्थियों को देना है सूखा राशन, अफसर तनाव में कि कहां से लाएं 450 ग्राम अचार और 350 ग्राम तेल के पैकेट

लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश ने जिला शिक्षा अधिकारियों की बढ़ाई मुसीबत
सरकार ने जो मात्रा तय की है उस मात्रा के पैकेट बाजार में उपलब्ध नहीं

By: Manish Singh

Updated: 24 May 2020, 08:13 PM IST

लॉकडाउन और ग्रीष्मकालीन अवकाश की वजह से प्राथमिक और अपर माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों को मिड डे मिल का कच्चा राशन उपलब्ध कराने के निर्देश राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग को दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रति विद्यार्थी मात्रा भी जिला शिक्षा अधिकारियों को बताई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारियों को कच्चा राशन खरीदने और फिर उन्हें विद्यार्थियों या उनके पालकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी है। मात्रा के हिसाब से 45 दिन का कच्चा राशन पैक करके विद्यार्थियों को देना है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तय किया गया राशन की मात्रा, प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों के सिरदर्द बन गया है। 45 दिन की खुराक के हिसाब से प्रति विद्यार्थी 450 ग्राम अचार, 650 ग्राम बड़ी, 350 ग्राम तेल, 6 किलो 750 ग्राम चावल, 1 किलो 350 ग्राम दाल और 350 ग्राम नमक देना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बाजार में इस मात्रा का पैकेट कहीं नहीं मिल रहा है। अफसरों का निर्देश है, इसलिए तलाश जारी है।

45 दिन का राशन देना है विद्यार्थियों को

प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को विद्यार्थियों की 45 दिन की खुराक कच्चे राशन के रूप में पैक करके देना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी की डाइट प्रतिदिन के हिसाब से 100 ग्राम चावल, 20 ग्राम दाल, 6.66 ग्राम अचार, 10 ग्राम सोया बड़ी, 5 ग्राम तेल और 5.55 ग्राम नमक तय किया है। इसी तरह से अपर प्राथमिक विद्यार्थी की डाइट 150 ग्राम चावल, 30 ग्राम दाल, 10 ग्राम अचार, 15 ग्राम सोया बड़ी, 7.7 ग्राम तेल और 8.33 ग्राम नमक तय किया है।

जिले के 1 लाख 90 हजार विद्यार्थियों को फायदा
मिड डे मिल योजना के तहत रायपुर जिले में विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजना का कच्चा राशन बांटने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर ने बताया कि जिले में 1 लाख 90 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मिल योजना के तहत लाभ मिलेगा। अच्छी क्वालिटी का राशन वितरण हो, इसलिए पैकेजिंग के पहले और बाद की फोटो प्राचार्यों को भेजने का निर्देश दिया है।

वर्सन

आदेशानुसार मिड डे मिल योजना के तहत विद्यार्थियों को न्यूनतम कच्चा राशन उपलब्ध कराना है। आदेश के अनुसार कच्चे राशन का पैकेजिंग तैयार करने में परेशानी हो रही है, तो बाजार में पैकेजिंग के हिसाब से जिम्मेदार अधिकारी विद्यार्थियों को सामान उपलब्ध करा सकते हैं। जिन जिलों में समस्या आ रही है, वे हमसे कॉर्डिनेट करके अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

जितेंद्र शुक्ला, संचालक
लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़

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