सरकार ने कहा - संविदा अधिकारियों को रिलीव करें, उधर 70 साल वाले अफसर विभाग में अभी तक टिके

एक तरफ सरकार ने अधिकारियों की संविदा अवधि पर रोक लगा कर रिलीव करने की बात कही है। दूसरी ओर, सड़क विकास निगम के अधिकारियों की बड़ी मनमानी सामने आई है।

By: Ashish Gupta

Updated: 03 Mar 2019, 04:37 PM IST

रायपुर. एक तरफ सरकार ने अधिकारियों की संविदा अवधि पर रोक लगा कर रिलीव करने की बात कही है। दूसरी ओर, सड़क विकास निगम के अधिकारियों की बड़ी मनमानी सामने आई है। निगम में सड़क विकास निगम के महाप्रबंधक जीएस सोलंकी की संविदा दो बार बढ़ाई जा चुकी है। उन्हें 70 वर्ष की आयु में फिर संविदा अवधि बढ़ाने के लिए विभाग प्रकिया कर रहा है। वो पीडब्लूडी से ईएनसी के पद पर बीते 10 साल पहले रिटायर्ड हुए थे। तब से उन्हें सड़क विकास निगम में महाप्रबंधक के पद पर संविदा नियुक्ति दी गई है।

विभाग के प्रबंध संचालक अनिल राय का कहना है कि उनकी जानकारी में सोलंकी की संविदा 2015 से पहले की है। वर्तमान में संविदा बढ़ाने के लिए शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। विभागों के अलावा बोर्ड, निगम, मंडल, आयोगों व स्वशासी संथाओं में 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे हैं।

12 जनवरी को जारी किया गया था आदेश
राज्य शासन ने संविदा पर काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश 12 जनवरी को जारी किया था। खाली होने वाले पदों पर अधिकारियों-कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार सीधी भर्ती या पदोन्नति देकर नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया था। 15 दिनों में इसकी रिपोर्ट शासन ने मांगी थी।

जीएडी की सचिव ने सभी विभागों के एसीएस, पीएस ,सेक्रेटरी व स्पेशल सेक्रेटरी से कहा थी कि विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, जिला व संभाग के दफ्तरों, विभागों के अधीन आयोगों, निगम, मंडलों, प्राधिकरणों, स्वशासी संस्थाओं आदि में संविदा पर काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची की जांच कर रिपोर्ट दी जाए।

महाप्रबंधक जीएस सोलंकी ने कहा, मेरी संविदा समाप्त कर दी गई है। बढ़ाना या न बढ़ाना शासन की मंशा पर है। मैं कुछ नहीं कहना चाहता।

प्रबंध संचालक अनिल राय ने कहा, संविदा बढ़ाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। उन्हें वर्तमान में कार्य मुक्त कर दिया गया है।

Ashish Gupta Desk
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